लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पहले से जताई गई आशंका अब सही साबित होती दिख रही है।

कथित लूट के दोषियों को बचाने का प्रयास

बुधवार को एक बयान जारी कर प्रमोद तिवारी ने कहा कि चंपत राय द्वारा यह कहना कि वह एसआईटी जांच पूरी होने के बाद अपना पक्ष रखेंगे, कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि उन्हें पहले से कैसे पता है कि एसआईटी की रिपोर्ट क्या होगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद यह देखना होगा कि वह बोलने की स्थिति में रहेंगे या जेल में होंगे। तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भगवान श्रीराम के नाम पर हुई कथित लूट के दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

भगवान श्रीराम की आस्था का सम्मान करती रही

उन्होंने कहा कि भाजपा यह दुष्प्रचार बंद करे कि कांग्रेस ने कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था। तिवारी ने याद दिलाया कि 9 नवंबर 1989 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में, तत्कालीन गृह मंत्री बूटा सिंह की मौजूदगी में अयोध्या में राम जन्मभूमि का शिलान्यास हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नहीं मानती, तो शिलान्यास क्यों कराती। कांग्रेस हमेशा भगवान श्रीराम की आस्था का सम्मान करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

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प्रमोद तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीराम के चढ़ावे में चोरी, जमीन की हेराफेरी या किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे मामला मंदिर का हो या वक्फ का। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के नाम पर किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में लूट का माहौल है। तिवारी ने दावा किया कि अयोध्या के अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ और तिरुपति जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी चढ़ावे में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में भी कहा था कि “हम भगवान श्रीराम के पुजारी हैं, जबकि भाजपा भगवान श्रीराम की व्यापारी है। भाजपा के लिए भगवान श्रीराम आस्था नहीं, बल्कि राजनीति और व्यापार का विषय बन गए हैं।