सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे, वित्तीय प्रबंधन और कथित अनियमितताओं के आरोपों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. पत्र में उन्होंने कहा है कि राम मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है. ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी वित्तीय विवाद पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए.

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अजय राय ने पत्र में कहा कि हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. उनका आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ प्रतिनिधि आरोप लगाने वालों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन आरोपों के तथ्यों पर स्पष्टता नहीं दी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं के मन में संदेह की स्थिति बन रही है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मंदिर के चढ़ावे, लेखा-जोखा और वित्तीय लेनदेन की स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट और वित्तीय जांच कराई जाए. उनका कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति, अधिकारी या संस्था के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

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पत्र में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तथा प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है. अजय राय ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि किसी अधिकारी को पहले से किसी अनियमितता की जानकारी थी तो उस पर क्या कार्रवाई की गई और यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

पत्र के अंत में अजय राय ने कहा है कि राम मंदिर किसी राजनीतिक दल या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आस्था का प्रतीक है. इसलिए इस विषय को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि मंदिर की गरिमा, श्रद्धालुओं के विश्वास और सार्वजनिक पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाएं.