रायबरेली. योगी सरकार यूपी में चौतरफा विकास की गंगा बहने का दावा करती है. दावा ही नहीं चमचमाते विज्ञापनों के पीछे करोड़ों रुपए खर्च कर जनता को दिखाती भी है कि ये सरकार जनहितैषी है. उसके पीछे का मकसद जनता को तथाकथित अदृश्य विकास को अपने चश्मे से दिखाना होता है, जो असलियत में है ही नहीं. आए दिन योगी सरकार के विकास के दावों की पोल खोल देने वाली तस्वीरें देखने को मिल जाती है. ऐसा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें योगी सरकार के विकास की दुर्दशा देखने को मिल रही है. वीडियो में देखने मिल रहा है कि उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की बस जगह-जगह से टपक रही है. ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि अगर ये विकास है तो दुर्दशा की परिभाषा क्या होगी?

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बता दें कि लखनऊ आलमबाग से प्रतापगढ़ को जानें वाली उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की लालगंज डिपो की बस का वीडियो सामने आया है. बस की छत में इतने छेद थे कि कई सीटों पर पानी झरने की तरह बह रहा था. इस दौरान पूरे बस में यात्री अपने समान और खुद को सुरक्षित करने के लिए इधर उधर बचाते हुए नजर आए. यहां तक कि बस के परिचालक (कंडेक्टर) की सीट भी नहीं सुरक्षित है. इतना ही नहीं बस का वाइपर तक नहीं चल रहा था. ऐसे में हादसे के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में सरकार और सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या लोगों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं? बस में सफर करने वाली जनता केवल सरकार के लिए नंबर मात्र है.

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बता दें कि 7 जुलाई यानी कल UPSRTCHQ के सभागार में प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त क्षेत्रों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में परिचालन प्रतिफल, चालक-परिचालक प्रबंधन, राजस्व, दुर्घटना नियंत्रण, मानव संसाधन, भर्ती की प्रगति, आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग, वर्षा ऋतु की तैयारियों तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए.

प्रबंध निदेशक महोदय ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को उपलब्ध मानव एवं भौतिक संसाधनों के साथ-साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम एवं दक्षतापूर्वक उपयोग सुनिश्चित करने, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने, वर्षा ऋतु के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध बस संचालन बनाए रखने तथा यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं विश्वसनीय परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे.

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