सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तरप्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की दो दिन तक चली छापेमारी में रिटायर्ड (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर दो दिन चली छापेमारी में अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है. टीम को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखे गए 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों के दस्तावेज और विभिन्न योजनाओं में भारी निवेश के प्रमाण मिले हैं. प्रारंभिक जांच में बरामद संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये आंका गया है.
विजिलेंस के अनुसार ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पहले से मुकदमा दर्ज है. मामले की विवेचना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान कर रहा है. न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद 7 और 8 जुलाई को अलीगंज स्थित उनके आवास पर विशेष टीम ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया.
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तलाशी के दौरान टीम को घर में विभिन्न स्थानों पर पैकेट बनाकर छिपाई गई करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये की नकदी मिली. इसके अलावा सोने के बिस्किट, ईंटें और आभूषण मिलाकर लगभग 13 किलोग्राम सोना तथा चांदी के बिस्किट, ईंटें और आभूषण मिलाकर लगभग 9 किलोग्राम चांदी बरामद हुई. सरकार से मान्यता प्राप्त वैल्यूअर द्वारा मूल्यांकन के बाद इनकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है.
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छापेमारी के दौरान लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में मकान, भूखंड, कृषि भूमि और फ्लैट बुकिंग से जुड़े दस्तावेज भी मिले. विजिलेंस के मुताबिक इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 13 करोड़ रुपये है. जांच में टोयोटा इनोवा और हुंडई आई-20 कार, एक रिवॉल्वर तथा बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. मकान में मौजूद महंगे फर्नीचर, लग्जरी इंटीरियर और घरेलू सामान का भी विस्तृत ब्योरा तैयार किया गया है.

