Business Desk – Share Market Crash Today : भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार की शुरुआत बेहद कमजोर रही. बाजार खुलते ही निवेशकों में बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटकर 75,613 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी भी करीब 200 अंक फिसलकर 23,646 पर कारोबार करता दिखा.

लगातार दूसरे दिन आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला. बाजार की इस कमजोरी के पीछे वैश्विक संकेतों के साथ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी बड़ी वजह मानी जा रही हैं.
100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, बढ़ी नई चिंता
बाजार में घबराहट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल है. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है. जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का असर पेट्रोल-डीजल, परिवहन लागत और महंगाई पर पड़ सकता है. यही आशंका फिलहाल शेयर बाजार पर भारी पड़ रही है.
दुनियाभर के बाजारों से मिले कमजोर संकेत
भारतीय बाजार की कमजोरी अकेली नहीं है. एशिया के प्रमुख शेयर बाजार भी शुक्रवार को लाल निशान में कारोबार करते दिखे. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.46 फीसदी, जापान का निक्केई 2.79 फीसदी और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.32 फीसदी टूट गया. इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद हुए थे. डाउ जोन्स 507 अंक, नैस्डैक 553 अंक और एसएंडपी 500 में भी 91 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. वैश्विक बाजारों से मिले इन कमजोर संकेतों का असर भारतीय निवेशकों के भरोसे पर भी साफ दिखाई दिया.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
बाजार पर एक और बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का है. पिछले 7 कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,289 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं. पिछले 30 दिनों में उनकी कुल बिकवाली 11,359 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर फिलहाल ज्यादा दिखाई दे रहा है.
लगातार दूसरे दिन टूटा बाजार
गुरुवार को भी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था. उस दिन सेंसेक्स 364 अंक टूटकर 76,391 पर और निफ्टी 127 अंक गिरकर 23,870 पर बंद हुआ था. अब शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में आई बड़ी गिरावट ने यह संकेत दिया है कि बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है. निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी रहेगी.


