Business Desk- Share Market Update : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण आज सोमवार 18 मई को शेयर बाजार में गिरावट है. सेंसेक्स 1000 अंक (1.34%) गिरकर 74,200 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी भी 300 अंक (1.32%) नीचे है, ये 23,300 के करीब आ गया है.

बाजार के लिए तुरंत का रेजिस्टेंस 75,600 से 76,000 के दायरे में है, जबकि मजबूत सपोर्ट 74,500 से 74,200 के जोन के आसपास दिख रहा है. बाजार अब किसी भी तरफ एक बड़ा ब्रेकआउट (दायरा तोड़ना) देगा, तभी आगे के लिए बाजार की असली चाल तय होगी.

एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 109 अंकों यानी 1.45% की बढ़त के साथ 7617 के स्तर पर कारोबार करता दिखा.

वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स 553 अंक यानी 0.92% टूटकर 60828 पर पहुंच गया. हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में भी गिरावट रही और यह 377 अंक यानी 1.49% फिसलकर 25586 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया.

अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली थी. डाउ जोन्स 537 अंक यानी 1.07% गिरकर 49526 पर बंद हुआ. नैस्डैक इंडेक्स में 410 अंकों की गिरावट रही और यह 26225 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं S&P 500 इंडेक्स 93 अंक यानी 1.24% टूटकर 7409 पर बंद हुआ.

विदेशी निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली का दबाव भारतीय बाजार पर लगातार बना हुआ है. पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशकों ने 55,567 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं. हालांकि बीते कारोबारी सत्र में उन्होंने 1,329 करोड़ रुपए की खरीदारी की.

दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने पिछले 30 दिनों में 61,285 करोड़ रुपए की खरीदारी की है, जबकि बीते कारोबारी सत्र में उन्होंने 1,959 करोड़ रुपए की बिकवाली की.

सेंसेक्स

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि सेंसेक्स अभी 75,200 से 75,300 के जोन के आसपास है. यह दिखाता है कि लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच बाजार धीरे-धीरे और संभलकर रिकवरी करने की कोशिश कर रहा है.

निफ्टी 50

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि अगर बाजार ऊपर की तरफ जाता है, तो इसके लिए इमिडिएट रेजिस्टेंस 24,000 और 24,250 पर रहेगा. वहीं अगर बाजार नीचे गिरता है, तो इसे 23,250 और 23,000 पर सपोर्ट मिल सकता है.

अगर निफ्टी 23,000 का स्तर तोड़ता है, तो बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है. बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन में रहें और इस उतार-चढ़ाव के बीच सख्त स्टॉप-लॉस स्ट्रैटेजी (नुकसान से बचने का नियम) का पालन करें.