शेख आरिफ, श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर में सनसनीखेज और हाई वोल्टेड ड्रामा सामने आया है। यहां एक वाटर प्लांट के लिए अधिग्रहण की गई जमीन को मुक्त कराने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम के सामने तब हड़कंप मच गया जब एक महिला अपनी जमीन बचाने की मांग को लेकर सीधे 100 फीट ऊंचे BSNL के टावर पर चढ़ गई। महिला पिछले एक घंटे से अधिक समय से टावर पर डटी रही जिससे नीचे खड़े प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

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बीरपुर थाना क्षेत्र के श्यारदे गांव की घटना

यह पूरा मामला श्योपुर जिले के बीरपुर थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले ग्राम श्यारदे का है। जानकारी के अनुसार वाटर प्लांट के लिए चिन्हित और अधिग्रहित की गई सरकारी जमीन पर स्थानीय ग्रामीणों का कब्जा था। इसी कब्जे को हटाने और जमीन को मुक्त कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची थी।

प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए श्यारदे गांव की रहने वाली रामा बाई नाम की महिला अचानक गांव में स्थित 100 फीट ऊंचे BSNL के टावर पर जा चढ़ी और मांग करने लगी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं और कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं रुकती, वह नीचे नहीं उतरेगी।

पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास, 377 गांवों की प्यास का है सवाल

जिस वाटर प्लांट की जमीन को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, वह कोई मामूली प्रोजेक्ट नहीं है। जिले के लगभग 377 गांवों की प्यास बुझाने के लिए कुल 782 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से इस वाटर प्लांट का निर्माण किया जाना है।

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इस बेहद महत्वपूर्ण पेयजल योजना का शिलान्यास करीब 2 साल पहले स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इतने बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट की जमीन पर उपजे इस विवाद ने अब प्रशासनिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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