सतीश सिंह, लखनऊ. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ और ‘छोटे लोहिया’ के नाम से प्रसिद्ध जनेश्वर मिश्र की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर शिवपाल यादव ने समाजवाद के मूल सिद्धांतों को याद करते हुए मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी निशाना साधा. शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जनेश्वर मिश्र का मानना था कि सत्ता का धर्म जनता के प्रति जवाबदेही निभाना है, न कि केवल प्रचार करना.

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‘सत्ता का धर्म जनता के प्रति जवाबदेही है’

शिवपाल यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र हमेशा आम जनता, गरीबों और वंचित वर्गों की आवाज उठाते रहे. उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे चुनौती बने हुए हैं, तब जनेश्वर मिश्र के विचार समाज को दिशा देने का काम करते हैं.

महंगाई-बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा

सपा नेता ने कहा कि आज कई बार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जाती है. ऐसे समय में जनेश्वर मिश्र की विचारधारा और संघर्ष लोगों को सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र का समाजवाद सत्ता के अहंकार के सामने सच बोलने का साहस देता है.

‘संविधान और लोकतंत्र की रक्षा ही सच्ची श्रद्धांजलि’

शिवपाल यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करना ही जनेश्वर मिश्र को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने अपने संदेश में कहा, “गरीबों के आंसू पोंछना ही समाजवाद है.” उनके इस बयान को सपा के राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है.

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अखिलेश यादव भी देंगे श्रद्धांजलि

जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. सपा हर साल जनेश्वर मिश्र की जयंती को सामाजिक न्याय और समाजवादी विचारधारा से जोड़कर मनाती है. इस बार भी पार्टी नेताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए संगठन और कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों से जुड़े रहने का संदेश दिया.