परवेज खान, शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से सरकारी सिस्टम की एक हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। रन्नौद नगर परिषद ने एक जिंदा इंसान को कागजों में मृत घोषित कर दिया। पीड़ित युवक अब खुद के जिंदा होने का सबूत देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
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क्या है मामला?
मामला सेसई निवासी गिटला आदिवासी का है। गिटला ने बताया कि वर्ष 2022 में उनके पिता का निधन हो गया था। जब वे पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और जमीन का नामांतरण कराने गए तो पता चला कि नगर परिषद रन्नौद के अधिकारियों ने पिता की जगह बेटे गिटला का ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया है।
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बैंक खाते-राशन और सरकारी योजनाएं बंद
मंगलवार को शिवपुरी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे पीड़ित गिटला आदिवासी ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित का कहना है कि कागजों में मृत दर्ज होने के कारण उनके बैंक खाते, राशन और सभी सरकारी योजनाएं बंद हो चुकी हैं तथा जमीन-जायदाद से जुड़े काम भी अटक गए हैं। नगर परिषद में कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ रहा है।
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