संदीप शर्मा, विदिशा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के दौरे पर रहे, जहां उनका एक बार फिर पुराना और बेहद लोकप्रिय ‘देसी अंदाज’ देखने को मिला। विदिशा के बड़े बाजार में आयोजित ‘स्ट्रीट वेंडर कार्यक्रम’ में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने न सिर्फ आम जनता और छोटे दुकानदारों से मुलाकात की बल्कि पीएम स्वनिधि योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए सीधे जमीनी स्तर पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गन्ने का ठेला लगाने वाले एक हितग्राही से बातचीत की और खुद अपने हाथों से गन्ने की मशीन चलाकर जूस भी निकाला।
खुद गन्ने की मशीन चलाकर निकाला जूस, दुकानदारों से किया संवाद
बड़े बाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सबसे पहले पीएम स्वनिधि योजना से लाभान्वित गन्ने का ठेला लगाने वाले दुकानदार के पास पहुंचे। वहां उन्होंने गन्ने की मशीन को खुद चलाया और रस निकाला। इसे देखकर वहां मौजूद लोग और दुकानदार बेहद उत्साहित नजर आए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने बाजार में मौजूद अन्य छोटे ठेले और दुकानदारों से भी आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने हितग्राहियों के साथ जनसंवाद करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
‘हर पात्र व्यक्ति को मिलेगा पीएम स्वनिधि का लाभ’
मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं आज यहां पीएम स्वनिधि योजना की जमीनी हकीकत और जानकारी लेने स्वयं आया था। जो लोग भी इस योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं या छूट गए हैं, हमारा पूरा प्रयास है कि उन सभी पात्र छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडरों को इस कल्याणकारी योजना का लाभ दिलाया जा सके।
विदिशा जिला अस्पताल में खुलेगी विशेष कैंसर यूनिट
इसी दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और गंभीर बीमारियों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कैंसर एक ऐसी घातक बीमारी है जिसका नाम सुनते ही मरीज और उसका परिवार आधा हो जाता है, मानसिक रूप से टूट जाता है। विदिशा और आसपास के क्षेत्रों में भी अब कैंसर के मरीज सामने आने लगे हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए हमने तय किया है कि विदिशा जिला चिकित्सालय में जल्द ही एक ‘विशेष कैंसर यूनिट’ शुरू की जाएगी। इस यूनिट के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को समय पर सही, उचित और किफायती इलाज मिल सकेगा। जिससे उन्हें बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

