अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के कोयलांचल नगरी धनपुरी में मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बुढार ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अश्लील हरकत और यौन हमला करने वाले 50 वर्षीय दुकानदार मोहम्मद इस्तयाक उर्फ शानू को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
यह था पूरा मामला
यह घटना 3 अप्रैल 2025 की है। पीड़िता की मां, जो बुढार में एक बेकरी में काम करती है, ने पुलिस को बताया कि उसकी 9 वर्षीय बेटी शाम करीब 4 बजे धनपुरी स्थित शानू की दुकान पर चिप्स लेने गई थी, आरोपी इस्तयाक उर्फ शानू ने बच्ची को बहला-फुसलाकर दुकान के अंदर बुलाया और फिर उसका हाथ पकड़कर जबरन भीतर खींच लिया। आरोपी ने मासूम के साथ बेहद घिनौनी और अश्लील हरकतें कीं, इस दौरान मासूम दर्द से कराहती रही और उसने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी के हाथ पर अपने दांतों से जोर से काट लिया और वहां से भाग निकली , और रोते हुए अपनी मां को आपबीती सुनाई। जिस पर परिजनों ने मामले की धनपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़ित की शिकायत पर धनपुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इस मामले में विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए आरोपी को कड़ी फटकार लगाई, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में चोट के निशान और आरोपी के हाथ पर बच्ची के दांत काटने के निशान इस जघन्य अपराध की पुष्टि करते हैं।
न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि समाज के हित और अपराध की प्रकृति को देखते हुए उदारता का कोई स्थान नहीं है। अदालत ने आरोपी को निम्नलिखित धाराओं में दोषी पाया, न्यायालय ने केवल सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़िता के मानसिक और शारीरिक आघात को ध्यान में रखते हुए एक लाख रुपये का प्रतिकर (मुआवजा) देने का भी आदेश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है। साथ ही, पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

