Siddhivinayak Temple Donation Scam: मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हुए दान घोटाले को लेकर महाराष्ट्र में सियासी तापमान हाई लेवल पर है। सबसे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंदिर में 18 करोड़ रुपए की चोरी का दावा किया था। इसके बाद श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट (Shree Siddhivinayak Ganapati Mandir Trust) ने भी माना कि सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे से चोरी हुई है। अब पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार ने एक्शन लेते हुए सिद्धिविनायक गणपति के खजाने का ऑडिट करने का आदेश दिया है। सिद्धिविनायक मंदिर में पिछले साल में मिले पैसे और जेवरात का ऑडिट करने का आदेश देवेंद्र फडणवीस सरकार ने दिया है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सिद्धिविनायक मंदिर के पिछले 5 सालों के दौरान दान पेटी में आए रुपए-पैसे और चढ़ावे में मिले सोने-चांदी के जेवरात का ऑडिट कराने का आदेश दिया है। इसके बाद मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि सरकार के इस एक्शन से घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।

बता दें कि सिद्धिविनायक मंदिर दान घोटाले में 18 करोड़ की चोरी होने का आरोप लगा है। ट्रस्ट की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं 46 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। ट्रस्ट अध्यक्ष सदा सर्वणकर ने पुलिस हिरासत में लिए गए कर्मचारियों की जमानत की पुष्टि की है। सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नेता सदा सर्वणकर ने राज ठाकरे के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवनकर ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि करीब 18 करोड़ की चोरी का मामला सामने आया है। सिद्धिविनायक मंदिर में चोरी या दर्शन करवाने में जो शामिल थे, उन्हें सस्पेंड किया गया है। अब तक 46 कर्मचारी निलंबित किये गए हैं और नौ लोगों को अरेस्ट किया गया है। इस मामले में वे लोग सीआईडी जांच की भी मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी करने वालों का नाता यूबीटी से है।

मंदिर ट्रस्ट ने 18 करोड़ की चोरी के आरोपों को किया खारिज

वहीं सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने 18 करोड़ की चोरी के आरोपों को खारिज कर दिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर और ट्रस्टी राहुल लोंढे के मुताबिक मई में ट्रस्ट ने खुद ही कानून एवं न्याय विभाग को पत्र लिखकर पिछले 5 सालों के दान का विस्तृत ऑडिट कराने की मांग की थी। ट्रस्ट का कहना है कि गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही उन्होंने सबसे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के प्रमुख विश्वास नांगरे पाटिल से शिकायत की थी। इसके बाद मंदिर में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। मार्च में दान पेटी से पैसे गायब होने की घटना सामने आई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच में कुछ कर्मचारी छोटी दान पेटी से नकदी निकालते पकड़े गए थे।

राज ठाकरे ने आरोप लगाया था (Raj Thackeray On Siddhivinayak Mandir)

बता दें कि नसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने मंदिर में 18 करोड़ रुपये के दान के गबन का आरोप लगाया था। अपनी पार्टी की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया था कि मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के दान का गबन किया जा रहा था। राज ठाकरे ने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देने की मांग की थी। उन्होंने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। ठाकरे ने बताया कि मंदिर के दानपात्र से पैसे चोरी करने वाले कुछ कर्मचारियों का पर्दाफाश ट्रस्ट की सतर्कता के कारण हो सका। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए पत्र की जानकारी मिली है

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