​वीरेंद्र कुमार/ नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के सिलाव बाईपास पर सोमवार की शाम एक भयावह हादसे की स्थिति उत्पन्न हो गई। राजगीर-बिहारशरीफ फोरलेन पर स्थित एक होटल में पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन में हुई अचानक लीकेज ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती जाती तो एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।

​कनेक्शन के दौरान हुई चूक

​मिली जानकारी के अनुसार शाम के समय गैस एजेंसी के कुछ कर्मी एक स्थानीय होटल में नया पीएनजी कनेक्शन जोड़ने का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि काम के दौरान ही पाइपलाइन में अचानक अत्यधिक दबाव बन गया जिससे पाइप में बड़ा छेद हो गया। पाइप फटने जैसी जोरदार आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस की तीव्र गंध और शोर ने आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मचा दी। अपनी जान बचाने के लिए दुकानदार दुकानें छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

​सिलाव थाना पुलिस की तत्परता

​घटना की सूचना मिलते ही सिलाव थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस ने एहतियातन बिहारशरीफ-राजगीर फोरलेन पर दोनों तरफ से वाहनों का परिचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। इसके साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से मौके पर दमकल की गाड़ियों को तैनात किया गया ताकि यदि कोई चिंगारी उत्पन्न हो, तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

​गैस कंपनी की लापरवाही पर आक्रोश

​स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने गैस कंपनी के कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आक्रोशित लोगों का कहना है कि गैस रिसाव की सूचना देने के काफी समय बाद भी कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का आरोप है कि उचित सुरक्षा मानकों के अभाव में यह रिसाव हुआ जो किसी बड़े विस्फोट का कारण बन सकता था।

​नियंत्रण में स्थिति

​फिलहाल स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर कैंप कर रही हैं और स्थिति पूरी तरह से निगरानी में है। समय रहते सड़क को खाली कराने और सुरक्षा घेरा बनाने के कारण एक संभावित महाविस्फोट टल गया जिससे सिलाव के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना ने आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।