सुरेश पांडये, सिंगरौली। जिले के शासकीय महाविद्यालयों में ‘डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन’ (DMF) फंड से हुई करोड़ों रुपये की सामग्री खरीदी में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। भोपाल में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद अब इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में आज रीवा संभागीय उच्च शिक्षा विभाग की टीम सिंगरौली के प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज पहुंची। जांच टीम ने प्राचार्य से खरीदी से जुड़े तमाम दस्तावेज, बिल और स्टॉक रजिस्टर अपने कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। रीवा से टीम के पहुंचते ही उच्च शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

भोपाल में की गई शिकायत के अनुसार- सिंगरौली जिले के शासकीय कॉलेजों के लिए डीएमएफ (DMF) फंड से करोड़ों रुपये का सामान खरीदा गया था। आरोप है कि कई कॉलेजों तक खरीदी गई सामग्री पहुँची ही नहीं, जबकि आधे से ज्यादा भुगतान पहले ही कर दिया गया। बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के ही भुगतान जारी कर दिया गया, जो नियमों के सीधे तौर पर खिलाफ है। शिकायत में पूरी खरीदी प्रक्रिया, फर्जी बिलिंग, भुगतान और सामग्री की उपलब्धता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मामला डिग्री कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य एम. यू. सिद्दीकी के कार्यकाल का बताया जा रहा है, जिनके समय में यह पूरी खरीदी की गई थी।

किस स्तर पर और किस तरह की अनियमितताएं

जांच टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. ज्ञानेंद्र तिवारी (लॉ कॉलेज, रीवा) ने बताया- “टीम द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जिन अभिलेखों का विस्तृत मिलान आवश्यक है, उन्हें रीवा ले जाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि खरीदी प्रक्रिया में किस स्तर पर और किस तरह की अनियमितताएं हुई हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

आगे क्या?

फिलहाल जांच टीम कॉलेज में मौजूद रिकॉर्ड, बिल, भुगतान से जुड़ी फाइलें और स्टॉक रजिस्टर को खंगाल रही है। अब सभी की नजरें आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसके लिए कौन-कौन से जिम्मेदार अधिकारी कटघरे में आते हैं।

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