शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राजधानी भोपाल का बहुचर्चित नगर निगम स्लॉटर हाउस (बूचड़खाना) गौ मांस कांड एक बार फिर चर्चा में है। इस विवादित स्लॉटर हाउस को दोबारा शुरू करने की प्रशासनिक कवायदों के बीच जमीनी स्तर पर तनाव बढ़ गया है। मामले के मुख्य आरोपी असलम चमड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्लॉटर हाउस के संचालन का अधिकार वापस मांगा है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सक्रियता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, माननीय हाई कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों और शर्तों के अधीन भोपाल नगर निगम को इस स्लॉटर हाउस के मामले में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इसी रुख को आधार बनाकर नगर निगम प्रशासन ने संचालन संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इस पर कानूनी अभिमत (लीगल ओपिनियन) लेने के लिए आदेश जारी कर दिया है।

जय भवानी हिंदू संगठन ने चस्पा की आपत्ति

नगर निगम की इस तैयारी की भनक लगते ही, पूर्व में इस पूरे गौ मांस कांड का पर्दाफाश करने वाले ‘जय भवानी हिंदू संगठन’ ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विवादित स्लॉटर हाउस के मुख्य द्वार पर जाकर अपनी लिखित आपत्ति चस्पा (पेस्ट) कर दी है। इसके साथ ही संगठन ने नगर निगम प्रशासन और हाई कोर्ट में भी अपनी औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है।

गौ हत्यारों को फिर कमान सौंपने की तैयारी

जय भवानी हिंदू संगठन के प्रमुख भानु हिंदू ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और नगर निगम को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा- प्रशासनिक लापरवाही: “इस पूरे मामले में पहले दिन से ही शहर सरकार और प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एफआईआर (FIR) दर्ज करने में देरी की गई, सबूतों को मिटाया गया और आरोपियों को बचाने के लिए केस को जानबूझकर कमजोर किया गया।”

रासुका जैसी कार्रवाई के बाद जमानत मिल गई

“राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) जैसी बड़ी कार्रवाई होने के बावजूद दोषियों को इतनी जल्दी जमानत मिल गई। अब नगर निगम की मिलीभगत से इस स्लॉटर हाउस को फिर से उन्हीं गौ हत्यारों को सौंपने की बैकडोर तैयारी शुरू हो गई है।”भानु हिंदू ने आरोप लगाया कि आरोपी असलम चमड़ा ने स्लॉटर हाउस का संचालन दोबारा हथियाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। जिसने सैकड़ों की संख्या में गौ माता का मांस मुंबई और विदेशों तक में खपाया (सप्लाई किया), उसे किसी भी कीमत पर दोबारा संचालन नहीं मिलना चाहिए।

गौ सेवक खुद को कटवाने तैयार

संगठन ने नगर निगम प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि दोबारा संचालन को लेकर की जा रही प्रक्रिया में कई कानूनी और नैतिक खामियां हैं। यदि इस सैटेलाइट स्लॉटर हाउस के संचालन का अधिकार किसी भी स्थिति में दोबारा असलम चमड़ा को मिला, तो भोपाल में एक बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। भानु हिंदू ने भावुक और कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि इस स्थिति में गौ सेवक स्लॉटर हाउस में स्वयं अपने आप को कटवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन गौ हत्यारों को यह जगह वापस नहीं लेने देंगे।

गौ हत्या मामले में कब कब क्या क्या हुआ

17 दिसंबर 2025- पुलिस मुख्यालय के पास हिंदू संगठन ने एक ट्रक रोका, 26 टन कथित गौमांस बरामद..
18 दिसंबर 2025- मांस को जांच के लिए मथुरा स्थित लैब में भेजा..
07 जनवरी 2026 – ट्रक से बरामद मांस का जांच रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई..
09 जनवरी 2026- स्लाटर हाउस को सील कर दिया गया..
12 जनवरी 2026 -जांच रिपोर्ट के आधार पर स्लाटर हाउस संचालक असलम चमड़ा और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया और स्लाटर सील किया गया..
19 जनवरी -गोकशी मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित..
अप्रैल 2026-असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को उच्च न्यायालय ने जमानत दी
जून 2026 : हाई कोर्ट ने निगमायुक्त को 15 दिन में निर्णय लेने के निर्देश दिए..।

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