आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। जगदलपुर में पुलिस जवानों की जमा पूंजी में करोड़ों रुपये के गबन मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 5वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े में पुलिस ने तत्कालीन अध्यक्ष और प्रधान आरक्षक शिवाकांत तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जवानों की एफडी, लोन की किस्तों और जमा राशि में हेराफेरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

5वीं वाहिनी की कर्मचारी कल्याण साख समिति में हुए करोड़ों रुपये के इस कथित घोटाले ने विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है। विभागीय जांच और ऑडिट में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच में पता चला कि साख समिति की लिपिकीय और प्रबंधकीय व्यवस्था का दुरुपयोग कर जवानों की जमा पूंजी में कथित हेराफेरी की गई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जवानों की फिक्स डिपॉजिट, लोन की किस्तों और अन्य जमा राशियों को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद परपा थाना जगदलपुर में एफआईआर दर्ज की गई और साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन अध्यक्ष शिवाकांत तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इधर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सामने आए करीब 3 करोड़ रुपये के वेतन विसंगति मामले की जांच भी तेज कर दी गई है। इस प्रकरण में पहले ही तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिन-जिन खातों में अतिरिक्त राशि पहुंची है, उन सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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