गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात 27वें दिन अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। अनशन तोड़ने के बाद जारी वीडियो संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई पक्का आश्वासन नहीं मिला है।

गुरुग्राम। मेदांता अस्पताल में उपचाराधीन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करने के पश्चात सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के विषय पर सरकार की तरफ से कोई ठोस भरोसा नहीं दिया गया है। उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि इस्तीफा नहीं होता है तो इससे छात्रों को नहीं, बल्कि सरकार को ही राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का निर्णय

सोनम वांगचुक ने बताया कि अनशन के 27 दिन पूरे होने पर उनके समक्ष दो ही मार्ग शेष थे। पहला रास्ता अनशन जारी रखकर प्राण जोखिम में डालने का था और दूसरा स्वस्थ रहकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का था। उन्होंने कहा कि हजारों शुभचिंतकों और समर्थकों के लगातार अनुरोध को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी सेहत को वरीयता दी और व्रत तोड़ने का फैसला किया।

छात्रों पर कार्रवाई न होने से राहत

वांगचुक के अनुसार, आंदोलन में शामिल युवाओं पर कोई केस दर्ज न होना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय था। उन्होंने संतोष जताया कि सरकार ने छात्रों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई न करने का भरोसा दिया है, क्योंकि एक एफआईआर किसी भी युवा के करियर को वर्षों तक के लिए प्रभावित कर सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दिवंगत विद्यार्थियों के परिवारों के लिए मुआवजे की व्यवस्था और संसद में इस विषय पर बहस कराने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ निरंतर जारी रहेगा।

केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में टूटा अनशन

शुक्रवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में वांगचुक ने अनशन समाप्त किया। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसद उनसे भेंट कर चुके थे अथवा पत्र के माध्यम से अनशन रोकने की प्रार्थना कर चुके थे। जेपी नड्डा ने इस दौरान कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मांगों के प्रति संवेदनशील है और बातचीत के जरिए समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

सेहत में हो रहा सुधार

मेदांता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय दुरानी ने जानकारी दी है कि अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार दर्ज किया जा रहा है। वर्तमान में उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तरल आहार दिया जा रहा है और उनके सभी वाइटल पैरामीटर सामान्य हैं। मेडिसिन विभाग की वाइस चेयरमैन डॉ. सुशीला कटारिया के नेतृत्व में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रख रही है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस से मेदांता के आईसीयू में स्थानांतरित किया गया था।