लखनऊ कमिश्नरेट में रिजर्व पुलिस में तैनात एक पुलिसकर्मी ने आईपीएस अफसरों को ‘काला अंग्रेज’ बताया था. उन्होंने आईपीएस अफसरों पर वसूली का गंभार आरोप लगाया था. साथ ही एक वीडियो जारी कर उन्होंने सीएम योगी का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया था. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. अब इसे लेकर अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि “ये हैं आज की नई आजादी के स्वतंत्रता सेनानी. ये उन लाखों-करोड़ों उम्मीद की किरणों में से एक हैं जो 5 प्रतिशत सत्ताधारियों के भ्रष्टाचार, अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ हमारे 95 प्रतिशत आबादीवाले पीडीए के संघर्ष की नई ऊर्जा हैं. पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है. हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ पीडीए है. हम सब पीड़ा के एक सूत्र में बंधे लोग हैं, इसीलिए हम कहते हैं : जो पीड़ित, वो पीडीए!”
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वीडियो में कांस्टेबल मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि ‘लखनऊ कमिश्नरेट के रिजर्व पुलिस लाइन में आपकी नाक के नीचे इन काले अंग्रेजों अर्थात आईपीएस अफसरों को द्वारा लूट की जमींदारी व्यवस्था चलाई जा रही है. ये व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित ढंग से चलाई जाती है जिसपर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं. काले अंग्रेजों द्वारा नियुक्त किया जाता है आरआई को, आरआई नियुक्त करता है एक गणना प्रभारी को. फिर वो अपनी सुविधा के लिए एक कमांडर नियुक्त करता है. फिर सिपाही दिवान अपना ड्यूटी लगवाने के लिए 2000 हजार रुपये प्रति माह कमांडर के माध्यम से जमा करता है. गार्ड पैसा भी इकट्ठा करता है और अपने आप को बचा भी नहीं पाता है, उसे भी दो हजार रुपया महीना जमा करना पड़ता है.’
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