राकेश कथूरिया, कैथल. हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल की अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही के मार्गदर्शन में शनिवार को न्यायिक परिसर कैथल में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 3150 लंबित मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया था, जिनमें से 102 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) की धारा 138 के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस मामलों में कुल 2 करोड़ 2 लाख 43 हजार 593 रुपये की राशि से संबंधित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान कराया गया।

उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित निपटारा करना रहा। य़ह न्याय प्राप्ति का एक प्रभावी और सरल माध्यम है, जिसके जरिए पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द बना रहता है तथा विवादों का शीघ्र निपटारा संभव हो पाता है। इसके अलावा लोक अदालत में हुए निर्णय के विरुद्ध अपील का कोई प्रावधान नहीं होता और नियमानुसार न्यायालय शुल्क भी वापस कर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक, सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) संदीप कौर,
सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन), कैथल जसमीन कौर, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) अक्षय चौधरी तथा अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) उपमंडलीय न्यायालय गुहला राजविंदर सिंह के बेंच गठित किए गए थे।

उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालतों का लाभ उठाने और आपसी सहमति से विवादों के समाधान की इस व्यवस्था को अपनाने का आह्वान किया।