Lalluram Desk. नाग पंचमी का पावन पर्व नाग देव की कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम समय होता है। ज्योतिष शास्त्र में इस तिथि को राहु-केतु के अशुभ प्रभावों और कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए अत्यंत फलदायी बताया गया है। यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, जीवन में लगारता बाधाएं आ रही हैं, तो नाग पंचमी के दिन चांदी या तांबे के नाग-नागिन के जोड़े का यह विशेष धार्मिक विधान अवश्य करें।

इस उपाय को कुछ इस तरह से करना है –

– नाग पंचमी की सुबह सूर्योदय से पूर्व स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अपने पूजा घर की सफाई करके भगवान शिव और शिवलिंग के समक्ष देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें। इके बाद हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर कालसर्प दोष की शांति तथा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए संकल्प ले।

– धातु (चांदी या तांबा) से बन नाग-नागिन के जोड़े को गंगाजल और शुद्ध जल से स्नान कराएं। तत्पश्चात जोड़े को पूजा की थाली में स्थापित कर चंदन, रोली, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें। शिवलिंग पर लज चढ़ाते हुए ओम नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जप करें। महादेव से राहु-केतु से जुड़े कष्टों के निवारण की प्रार्थना करे।

– पूजन संपन्न होने के पश्चात नाग-नागिन के जोड़े को दोनों हाथों में श्रद्धापूर्वक लें। इसे अपने सिर के ऊपर से सात बार उल्टी दिशा (एंटी-क्लॉकवाइज) में घुमाएं । हर बार घुमाते समय मन में भोलेनाथ और नाग देवता का ध्यान करें। अपने जीवन की सभी बाधाओं को समाप्त करने की प्रार्थना करे।

– सिर से सात बार उबारने के तुरंत बाद इस जोड़े को किसी पवित्र नदी या बहते जल में प्रवाहित कर दें। जल प्रवाहित करने के बाद हाथ जोड़कर भगवान शिव का ध्यान करें… महादेव, नाग देवता की कृपा से मेरे जीवन के सभी ग्रहजनित कष्ट और बाधा दूर हों, तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।

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