भुवनेश्वर : सातकोसिया टाइगर रिजर्व की सुरक्षा के लिए विशेष बाघ संरक्षण बल (एसटीपीएफ) की एक इकाई तैनात की गई है।
बाघों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के आदेश के अनुसार एसटीपीएफ की तैनाती की गई है।
बाघों को शिकारियों और वन्यजीव तस्करों से बचाने के लिए एसटीपीएफ शनिवार को सातकोसिया टाइगर रिजर्व पहुंच गई है।
वन विभाग ने सातकोसिया में बाघ परियोजना को फिर से शुरू करने की योजना बनाई है। यह परियोजना पहले भी एक बार शुरू की गई थी, लेकिन कुछ कारणों से यह विफल हो गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, महाराष्ट्र के ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान (वन) से 15 बाघों को पांच वर्षों में चरणों में सतकोसिया टाइगर रिजर्व में लाने की योजना है।

एक बाघ – महावीर – एक शिकारी द्वारा बिछाए गए जाल में फंसकर मर गया। एक अन्य बाघ – सुंदरी – एक शिकारी/तस्कर के पास कैदी की तरह रहने के बाद मध्य प्रदेश लौट आई।
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