जुबैर अंसारी/ सुपौल। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 45वीं वाहिनी के जवानों ने नियमित जांच के दौरान सीमा पार से आ रही एक नेपाली महिला को प्रतिबंधित हिरण के सींगों की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के प्रति एसएसबी की तत्परता को दर्शाती है।
तस्करी का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 45वीं वाहिनी की टीम बीरपुर स्थित चेक पोस्ट पर ड्यूटी तैनात थी। इस दौरान भारत की सीमा में प्रवेश करने वाली एक महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब जवानों ने प्रोटोकॉल के तहत उसके सामान की तलाशी ली, तो उसके थैले से हिरण के सींग बरामद किए गए। पूछताछ में महिला की पहचान सुनीता देवी के रूप में हुई है, जो नेपाल के सिराहा जिले के अंतर्गत नगर पंचायत मिर्चैया, वार्ड संख्या-03 की निवासी है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन
बरामद किए गए सींग वन्यजीवों की लुप्तप्राय प्रजातियों से संबंधित हैं, जो भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। वन्यजीवों के अंगों का व्यापार करना एक गंभीर अपराध है। आरोपी महिला इन सींगों को किस गंतव्य तक ले जा रही थी और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है, इसकी गहन जांच की जा रही है।
एसएसबी की सतर्कता और कार्रवाई
इस पूरे अभियान के संबंध में 45वीं वाहिनी, एसएसबी बीरपुर के कमांडेंट गौरव सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करों और असामाजिक तत्वों द्वारा वन्यजीवों के अवैध अंगों की तस्करी की कोशिशों को नाकाम करने के लिए एसएसबी लगातार ‘ऑपरेशन अलर्ट’ मोड पर है। कमांडेंट ने बताया कि सीमा पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जा सके।
इस सफल ऑपरेशन में मुख्य आरक्षी (सामान्य) कृष्ण कुमार और उनकी टीम के अन्य जवानों ने सराहनीय भूमिका निभाई है। आरोपी महिला और बरामदगी को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बीरपुर वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। वन विभाग अब इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई कर रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है।

