नक्सलबाड़ी। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसबी की बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने न्यू मेची ब्रिज पर एक विशेष जांच अभियान के दौरान भारी मात्रा में विदेशी हीरे बरामद किए हैं। बरामद हीरों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत डेढ़ से दो करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है।

​कैसे हुई गिरफ्तारी?

​घटना गुरुवार देर शाम की है। एसएसबी की टीम न्यू मेची ब्रिज पर नियमित वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान भारत से नेपाल की ओर जा रही एक मारुति कार को संदिग्ध मानकर रोका गया। वाहन की तलाशी के दौरान जवानों को यात्री के पास मौजूद बैग पर संदेह हुआ। जब बैग की गहन जांच और स्कैनिंग की गई, तो उसमें से तीन बेशकीमती विदेशी हीरे निकले।

​पहचान और पूछताछ का विवरण

​पूछताछ में पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान नेपाल के बागमती प्रांत (काठमांडू) निवासी पूर्ण कुमार तामांग और चालक सुजीत लोहार के रूप में हुई है। सुजीत लोहार नक्सलबाड़ी, दार्जिलिंग का रहने वाला है।
​आरोपित पूर्ण कुमार तामांग ने हीरों पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया है। उसने बताया कि उसका जन्म हांगकांग में हुआ था, लेकिन अब वह नेपाल का नागरिक है। जांच के दौरान उसके पास से नेपाली पासपोर्ट और हांगकांग का स्थायी निवासी कार्ड भी बरामद हुआ है। तामांग ने खुलासा किया कि वह 21 जून को भारत आया था और कुछ दिन सिक्किम में रुकने के बाद नेपाल लौटने की फिराक में था।

​दस्तावेजों के अभाव में कार्रवाई

​एसएसबी अधिकारियों ने जब तामांग से हीरों की खरीद और उनके वैध परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका और न ही कोई बिल या परमिट दिखा पाया। वैध दस्तावेजों के अभाव में एसएसबी ने हीरों को जब्त कर लिया और दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ा लग रहा है। एसएसबी अब इस पूरे नेटवर्क और हीरों के स्रोत का पता लगाने के लिए संबंधित खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर आगे की पूछताछ कर रही है। सीमा पर इस प्रकार की बरामदगी ने सुरक्षा तंत्र को और अधिक सतर्क कर दिया है।