Business Desk – Stock Market Crash Alert : मुहर्रम की छुट्टी के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं, लेकिन सोमवार को बाजार की शुरुआत निवेशकों के लिए झटका लेकर आ सकती है. ग्लोबल बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत, Gift Nifty में 150 अंकों से ज्यादा की गिरावट, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भारी टूट और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने सोमवार के कारोबार को लेकर चिंता बढ़ा दी है. हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय बाजार के लिए राहत की खबर मानी जा रही है.

गुरुवार को कैसी रही थी बाजार की चाल?

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने डे-हाई से करीब 703 अंक तक फिसल गया था, लेकिन आखिरी घंटे में रिकवरी के बाद 109 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी भी 34 अंक (0.14%) चढ़कर 24,056 के स्तर पर बंद हुआ.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ा रही दबाव

भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है. पिछले सात कारोबारी दिनों में उन्होंने 2,078 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं. हालांकि 25 जून को FIIs ने 384 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की. दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,748 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की. इस साल अब तक FIIs करीब 3.46 लाख करोड़ रुपए के नेट सेलर रहे हैं, जबकि DIIs ने 4.57 लाख करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है.

एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली

सोमवार से पहले एशियाई बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं. AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है, जिसके चलते दक्षिण कोरिया का प्रमुख कोस्पी इंडेक्स 6.78% टूट गया. जापान का निक्केई 4.34% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.75% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा. इन संकेतों का असर सोमवार को भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है.

Gift Nifty में 150 अंकों से ज्यादा की कमजोरी

भारतीय शेयर बाजार खुलने से पहले दिशा बताने वाला Gift Nifty भी 150 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, इसे सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

अमेरिकी बाजार में मिला-जुला कारोबार

अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. डाउ जोंस 72 अंक यानी 0.14% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 0.46% और S&P 500 मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. AI और टेक सेक्टर में बिकवाली के चलते एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसे दिग्गज शेयर दबाव में रहे.

सबसे ज्यादा नुकसान Apple को हुआ, जिसका शेयर करीब 6% टूट गया. कंपनी ने मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत के कारण आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है. इसके बाद कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 250 बिलियन डॉलर घटकर 4.04 लाख करोड़ डॉलर रह गई.

हालांकि सेमीकंडक्टर सेक्टर से अच्छी खबर भी आई. माइक्रोन टेक्नोलॉजी के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बाद उसका शेयर 16% उछल गया. वहीं सैनडिस्क में 22% की तेजी रही. क्वालकॉम, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट जैसी कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई.

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को राहत

सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के कम होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड करीब 2% गिरकर 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है.

गुरुवार को ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद कीमतों में हल्की तेजी जरूर आई थी, लेकिन कुल मिलाकर कच्चे तेल के दाम नीचे बने हुए हैं. इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को महंगाई नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है.

सोमवार के लिए निवेशकों की रणनीति

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को बाजार खुलते ही जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए. पहले बाजार की दिशा और शुरुआती उतार-चढ़ाव को समझें. यदि शुरुआती दबाव के बाद बाजार स्थिर होता है, तभी नई पोजीशन बनाना निवेशकों के लिए बेहतर रणनीति हो सकती है.