कुंदन कुमार/​पटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और धांधली का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। छात्र नेता दिलीप ने एक प्रेस वार्ता में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर कुछ चर्चित शिक्षकों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

​रौशन आनंद की रिहाई और खान सर पर कार्रवाई की मांग

​छात्र नेता दिलीप ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले की जांच की आड़ में निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने रौशन आनंद सर को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बिना ठोस साक्ष्यों के कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी ओर, दिलीप ने खान सर का नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक नेटवर्क में संलिप्तता की जांच के लिए खान सर को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।

​कोचिंग माफियाओं पर नकेल कसने की आवश्यकता

​दिलीप का मानना है कि बिहार की परीक्षाओं में होने वाली धांधली के पीछे बड़े कोचिंग संस्थानों का एक संगठित रैकेट काम कर रहा है। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों से अपील की कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई न की जाए, बल्कि उन सभी बड़े कोचिंग संचालकों को चिन्हित किया जाए जो अपने आर्थिक लाभ के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन ‘कोचिंग माफियाओं’ की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक निष्पक्ष परीक्षा का सपना अधूरा है।

​छात्रों के भविष्य की चिंता

​छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निष्पक्ष जांच नहीं कराई और दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए, तो छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने आगामी परीक्षाओं की सुरक्षा के लिए सरकार से ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की है ताकि युवाओं का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।