वीरेंद्र कुमार, नालंदा। पेपर लीक मामले को लेकर आज शनिवार, 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्यालय अस्पताल चौराहा समेत कई प्रमुख स्थानों पर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। बंद के समर्थन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आहूत बिहार बंद के दौरान बिहारशरीफ में प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मुख्यालय अस्पताल चौराहा सहित संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

बिहारशरीफ में दिख रहा बंद का असर

बंद के समर्थन में कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में झंडे और बैनर लेकर शांतिपूर्ण ढंग से नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतरे। वहीं, बाजारों में मिला-जुला असर देखने को मिला। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जबकि कई दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं। कुल मिलाकर बिहारशरीफ में बंद का आंशिक असर देखने को मिला।

मांगे पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी

इस दौरान इंकलाब नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष वीरेश कुमार ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनका आरोप है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं और सरकार से जवाब चाहते हैं।

वीरेश कुमार ने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया।

ये भी पढ़ें- बिहार बंद: पटना में छात्रों का प्रदर्शन शुरू, पुलिस ने किया बल प्रयोग, तेज प्रताप यादव गिरफ्तार