कुंदन कुमार, पटना। नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वाम दल से जुड़े छात्र संगठनों की ओर से बुलाए गए बिहार बंद का असर दिखने लगा है। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में छात्र राजधानी पटना की सड़कों पर पहुंचने लगे हैं। इस दौरान रामगुलाम चौक पर पहुंचे छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने छात्रों की भीड़ को तितर-बितर करने कि लिए हल्का बल प्रयोग किया।
सड़क पर उतरे तेज प्रताप यादव
प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लालू यादव के बड़े बेटे और जजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव का समर्थन मिला है। तेज प्रताप यादव खुद छात्रों के साथ सड़क पर उतर चुके हैं। उन्होंने छात्रों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान वहां सुरक्षा बल में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अपने साथ लेकर चले गए।

70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
बिहार बंद के आह्वान को देखते हुए प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से और कड़ी कर दी गई है। राजधानी पटना में 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सरकार ने सभी जिले के डिएम को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। स्थानीय पुलिस के अलावा CISF, BSF, SSB और CRPF के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती में लगाया गया है। वहीं, विधानसभा, पटना एयरपोर्ट और जंक्शन समेत सभी प्रमुख स्थानों और चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के साथ ही पुलिस सोशल मीडिया पर भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने वाले करीब 117 संदिग्ध लोगों पर विशेष तौर से नजर रख रही है। वहीं, डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करने का निर्देश दिया है।
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