कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद हरियाणा की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। वीडियो में पूर्व गृह मंत्री सुभाष बत्रा ने भाजपा सरकार को विकास कार्यों के मुद्दे पर राजनीति छोड़ने की खुली चुनौती दी है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। कांग्रेस सांसद Deepender Singh Hooda द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो ने हरियाणा की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री Subhash Batra ने भाजपा सरकार को खुली चुनौती देते हुए दावा किया कि यदि भाजपा अपने शासनकाल में एक भी नया मेडिकल कॉलेज, मेट्रो लाइन या आईएमटी (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) स्थापित करने का उदाहरण दे दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
पूर्व गृह मंत्री ने अपने बयान में वर्ष 2005 का जिक्र करते हुए कहा कि जब Bhupinder Singh Hooda हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे, तब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद हुड्डा ने केवल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया था कि “या तो बदमाशी छोड़ दो या फिर हरियाणा छोड़ दो।” बत्रा का दावा है कि इस एक चेतावनी के बाद प्रदेश में अपराधियों के बीच कानून का डर पैदा हुआ और कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
सुभाष बत्रा ने कहा कि हुड्डा सरकार के दौरान हरियाणा में विकास की लहर थी, बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट आए, आईएमटी स्थापित हुए, मेडिकल शिक्षा का विस्तार हुआ और प्रदेश निवेश का केंद्र बना। उन्होंने दावा किया कि उस दौर की विकास परियोजनाएं आज भी हरियाणा की पहचान बनी हुई हैं।
अपने हमले को और तेज करते हुए बत्रा ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की घटनाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस अब विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधे भाजपा को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सुभाष बत्रा का “भाजपा एक काम गिना दे, छोड़ दूंगा राजनीति” वाला बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल को खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि यह बयान सामने आते ही प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

