कुंदन कुमार, पटना। बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने आज गुरुवार (9 जुलाई) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा और सरकार को किसान विरोधी बताया। सांसद ने कहा कि, सरकार किसानों की जमीनें लगातार लेकर उद्योगपतियों को दे रही है, जो ठीक नहीं है।
DM-SP पर लगाया हत्या की कोशिश का आरोप
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि, 3 जुलाई 2026 को मैं अपने किसान साथियों एवं राजनीतिक सहयोगियों के साथ पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिला के पिपराकोठी में किसानों की भूमि को बिहार सरकार के द्वारा जबरदस्ती कब्जा करके बनाए जा रहे कृत्रिम वाटर पार्क के विरोध में आयोजित किसान सभा को संबोधित करने गया था। किसानों की सभा में सम्मिलित होने की वजह से मोतिहारी के जिला अधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मुझ पर, हमारे साथी शाश्वत गौतम, सुबोध यादव, रवीन्द्र सहनी, शमशाद आलम समेत 24 लोगों पर हत्या की कोशिश, लूटपाट और मेरे द्वारा 35,000 रु. की पॉकेटमारी जैसे संगीन आरोपों में FIR दर्ज करवाई है ।
पॉकेट से निकाले 35 हजार रूपए- सांसद
सुधाकर सिंह ने बताया कि, इतना ही नहीं, सभा स्थल पर जिला मुख्यालय से भेजे गए एक कंपनी पुलिस बल ने मुझे 1 घंटे तक बिना मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रोककर रखा। मेरे बार-बार पूछे जाने पर भी मजिस्ट्रेट को नहीं बुलाया गया, जो कानून व्यवस्था के ऊपर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मोतिहारी जिले के पिपराकोठी थाना में दर्ज FIR संख्या 361/26 में यह कहा गया है कि मैंने अपने साथियों के साथ आवेदनकर्ता का गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की, कार्यस्थल से भवन निर्माण का सामान चुरा लिया, सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की और आवेदनकर्ता की जेब टटोलकर पॉकेट से 35,000 रुपये निकाल लिए ।
ट्रैक्टर चालकर किया था सांकेतिक प्रदर्शन
सुधाकर सिंह ने बताया कि, वह पिपराकोठी कार्यक्रम स्थल पर सुबह 10 बजे पहुंचने के बाद वहां पर आयोजित सभा को संबोधित किया और उसके बाद तकरीबन दोपहर 12:30 बजे किसानों की ज़मीन पर अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर चलाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उस जगह मोतिहारी सदर- 2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पिपराकोठी थानाध्यक्ष समेत सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल मेरे आस-पास तैनात थे। इनके अलावा वहां बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी और आम लोग भी मौजूद थे। इसके बाद मैं लगभग 3 बजे मोतिहारी के जिला अधिकारी से मिलकर किसानों के पक्ष में ज्ञापन दिया, उसके बाद लगभग 4:30 बजे मोतिहारी के सर्किट हाउस में मीडिया को संबोधित करके अपने सहयोगी के निवास स्थान गया।
पीएम मोदी और सीएम सम्राट से पूछा सवाल
राजद सांसद ने कहा कि, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बताएं कि क्या यह देश में गुड गवर्नेंस का नया मॉडल है, जिसमें एक लोकसभा सांसद को किसानों के पक्ष में खड़े होने की सजा देने के लिए हत्या की कोशिश और लूटपाट जैसे फर्जी आरोप में फंसाने के लिए मुक़द्दमा दर्ज किया जाता है । हम लोगों के ऊपर दर्ज यह फर्जी FIR बिहार सरकार की शासन व्यवस्था के ऊपर कई सवाल खड़ा कर रहा है ।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी से कुछ सवाल हैं:
- अगर मैंने पिपराकोठी में लूटपाट और 35,000 रुपये की पॉकेटमारी पुलिस के सामने की और उसके बाद डीएम से मिला, तो मुझे तुरंत गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
- सभा स्थल पर पूरे समय बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थी। स्थानीय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और जिस थानाध्यक्ष ने मेरे खिलाफ मुक़दमा दर्ज किया है, वह भी मेरे बगल में सभा स्थल पर पूरे समय मौजूद था। जब यह कांड उसके सामने हुआ, तो उसने कोई त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की?
- क्या बिहार में गवर्नेंस और प्रशासन व्यवस्था चलाने का यह नया मॉडल है?
- मुझे पुलिस ने बिना मजिस्ट्रेट के एक घंटे से ज़्यादा देर रोककर रखा और बार-बार पूछने पर भी मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे। पूर्वी चंपारण(मोतिहारी) के जिला अधिकारी सौरभ सुमन यादव ने एक सांसद के समक्ष किसी भी तरह के प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं किया। क्या सम्राट चौधरी जी पुलिस और डीएम के इस आचरण को सही मानते हैं?
- क्या सरकार चाहती है कि एक जनप्रतिनिधि अब आम लोग और किसानों की समस्या को लेकर आवाज़ भी न उठाए ? ऐसा नहीं हुआ तो क्या जिले के DM, SP अब सांसद और विधायक को फ़र्ज़ी केस में फँसाकर जेल में बंद कर देंगे?
- अगर मैंने सरकारी काम में बाधा डाली तो FIR किसी निजी व्यक्ति से क्यों करवाया गया? किसी सरकारी अधिकारी ने FIR क्यों नहीं किया?
- अगर एक जनप्रतिनिधि के ऊपर फर्जी FIR करके फंसाया जा सकता है, तो बिहार के आम लोगों की क्या दुर्दशा होगी? अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी इस तरह की घटना को सही मानते हैं, तो मैं बिहार सरकार को तुरंत गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हूं।
किसानों की भूमि पर कब्जा सफल नहीं होने देंगे- राजद सांसद
इसके साथ ही राजद सांसद सुधाकर सिंह ने और कई सारे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि, किसानों की भूमि पर जबरन कब्जा करने और प्रशासनिक ताकत के बल पर की जा रही गुंडागर्दी को हम किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। किसानों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
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