जुबैर अंसारी, सुपौल। जिले के भीमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालपुर वार्ड-14 में उस समय हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक धान के खेत के बीचों-बीच अचानक एक मगरमच्छ दिखाई दिया। पानी से भरे खेतों के बीच अचानक इतने खतरनाक वन्यजीव को देखकर आसपास के ग्रामीण सहम गए, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने जिस तरह धैर्य, साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। ग्रामीणों ने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उस मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया और बिना किसी देरी के इसकी सूचना तुरंत वीरपुर स्थित वन विभाग की टीम को दी।

​वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा

​घटना की सूचना पाकर वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि मगरमच्छ पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित है। इसके बाद सभी आवश्यक विभागीय प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं को पूरा करते हुए वन विभाग की टीम ने उस मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास यानी कोसी नदी में सुरक्षित रूप से वापस छोड़ दिया।

​वन अधिकारियों ने दी अहम जानकारी

​इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में जानकारी देते हुए वन विभाग के फॉरेस्टर रवि रंजन ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपे गए इस मगरमच्छ की कुल लंबाई लगभग 4 फीट 6 इंच थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ स्थिति में था इसलिए उसे बिना किसी विलंब के उसकी प्राकृतिक जीवनशैली के अनुकूल कोसी नदी में सफलतापूर्वक रिलीज कर दिया गया।
​फॉरेस्टर रवि रंजन ने बरसात के मौसम से जुड़ी एक खास बात पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस सीजन में अक्सर जलस्तर में भारी वृद्धि हो जाती है। इसके अलावा नदी, नालों और खेतों के बीच जलमार्गों का संपर्क आपस में बढ़ जाने के कारण कई बार जलीय जीव या अन्य जंगली जानवर भटककर रिहायशी इलाकों रास्तों या खेतों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने आम नागरिकों को सलाह देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जनता को चाहिए कि वे तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें और खुद किसी भी प्रकार की जोखिम भरी कार्रवाई करने से पूरी तरह बचें।

​ग्रामीणों की सतर्कता की हुई सराहना

​स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर संतोष व्यक्त किया कि उन्होंने समय रहते समझदारी दिखाई और मगरमच्छ को बिना किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से पकड़कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। दूसरी ओर, वन विभाग ने भी ग्रामीणों की इस उत्कृष्ट सतर्कता जागरूकता और उनके सहयोग की खुलकर प्रशंसा की है। विभाग की ओर से एक बार फिर से आम जनता से अपील की गई है कि यदि भविष्य में कभी भी उनके आसपास कोई वन्यजीव दिखाई दे तो किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दें। इससे न सिर्फ वन्यजीवों की अनमोल जान बचाई जा सकती है बल्कि उनका सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में वापस भेजना भी आसान हो जाता है।