रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 24 अगस्त को सुनवाई होगी। मामला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

याचिका में परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच कराने के साथ ही परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजित कराने की मांग की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से यह जनहित याचिका दाखिल की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि 19 अप्रैल को आयोजित JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के संचालन और मूल्यांकन की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। याचिकाकर्ता ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप का आग्रह किया है।

अब सभी की नजरें 24 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान परीक्षा की कथित अनियमितताओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा।