गयाजी। ​सावन के पवित्र महीने में गयाजी से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहे कांवरियों की भीड़ के बीच गया के एक युवक की अनोखी यात्रा इन दिनों खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। गया के बड़की डेल्हा निवासी सूरज यादव अपनी भक्ति के साथ-साथ राजनीतिक निष्ठा का अनूठा प्रदर्शन करते हुए पैदल देवघर के लिए रवाना हुए हैं। उनकी इस कांवर यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का राजनीतिक संदेश भी प्रमुखता से दिखाई दे रहा है, जो हर देखने वाले का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

​राजद के रंग में रंगी कांवर और विशेष वेशभूषा

​सूरज यादव ने इस यात्रा के लिए बेहद खास तैयारी की है। उन्होंने सिर से पांव तक सफेद टी-शर्ट और सफेद पैंट पहन रखी है, जिस पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की तस्वीर और पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘लालटेन’ छपा हुआ है। उनकी कांवर भी सामान्य कांवरों से बिल्कुल अलग है। कांवर के दोनों सिरों पर पीतल के बर्तनों में पवित्र गंगाजल रखा हुआ है, जिसके साथ आरजेडी का चुनाव चिन्ह लालटेन, पार्टी का झंडा और देश का आन-बान-शान तिरंगा भी शान से लहरा रहा है।

​बाबा बैद्यनाथ से है यह खास राजनीतिक मन्नत

​भगवान भोलेनाथ के परम भक्त सूरज खुद को लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव का प्रबल समर्थक बताते हैं। उनका कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से लगातार देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करते आ रहे हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने अपनी इस यात्रा को बिहार की राजनीति और अपनी एक खास इच्छा से जोड़ दिया है। सूरज का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि बाबा से यह मन्नत मांगना है कि आने वाले समय में बिहार में ‘तेजस्वी सरकार’ बने।
​उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि सरकार बनने पर हर घर से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसी घोषणा से प्रेरित होकर वह बाबा भोलेनाथ के दरबार में पहुंचे हैं ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार मिल सके और हर घर में खुशहाली आ सके।

​लालू-तेजस्वी से मिलने की प्रबल इच्छा

​राजनीतिक दीवानगी की हद तक अपने नेताओं को चाहने वाले सूरज की एक बड़ी इच्छा पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात करने की भी है। वह इन दोनों दिग्गज नेताओं से मिलकर उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं। हालांकि, उनका स्पष्ट कहना है कि वह बिना बुलाए उनके आवास पर नहीं जाएंगे। यदि लालू या तेजस्वी खुद उन्हें आमंत्रित करते हैं, तो वह निश्चित तौर पर उनसे मिलने जाएंगे।

​मार्ग में आकर्षण का केंद्र बनी यात्रा

​गयाजी से देवघर तक जाने वाले रास्ते में जब सूरज अपनी इस सजी-धजी कांवर के साथ गुजरते हैं, तो हर किसी की निगाहें उन पर टिक जाती हैं। कांवरियों के बीच यह अनूठा अंदाज लोगों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर इसे बाबा भोलेनाथ के प्रति उनकी गहरी भक्ति माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक समर्थन का अनोखा और साहसिक प्रदर्शन भी कहा जा रहा है।