चंडीगढ़। हरियाणा के प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद यानी एचएससीसीडब्ल्यू (HSCCW) की मानद सचिव सुषमा गुप्ता को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। राज्य के गवर्नर प्रो. असीम कुमार घोष की ओर से रविवार 21 जून 2026 को इस संबंध में एक आधिकारिक लेटर (official letter) जारी किया गया है। राजभवन द्वारा अचानक की गई इस बड़ी कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है। हालांकि इस सरकारी लेटर में उन्हें पद से हटाने की किसी भी मुख्य वजह का जिक्र नहीं किया गया है।

कार्यकाल खत्म होने से पहले ही राजभवन का बड़ा एक्शन

आपको बता दें कि फरीदाबाद की रहने वाली सुषमा गुप्ता को 18 जुलाई 2024 को तत्कालीन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय द्वारा इस जिम्मेदारी वाले पद पर नियुक्त किया गया था। नियमों के मुताबिक यह नियुक्ति पूरे 3 साल के लिए की गई थी। इस हिसाब से उनका कार्यकाल अभी करीब एक साल और एक महीने का बचा हुआ था। समय से पहले ही उन्हें इस तरह पद से मुक्त किए जाने को लेकर अब राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बड़े बदलाव के कारणों को जानने के लिए जब सुषमा गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

फरीदाबाद की रहने वाली हैं सुषमा, रेडक्रॉस में भी संभाली है कमान

अगर सुषमा गुप्ता के बैकग्राउंड की बात करें तो वह मूल रूप से फरीदाबाद की रहने वाली हैं और लंबे समय से सामाजिक कार्यों (social work) के क्षेत्र में एक्टिव रही हैं। वह हरियाणा रेडक्रॉस में वाइस चेयरपर्सन (vice chairperson) का बड़ा प्रभार भी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा वह नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड की फरीदाबाद ब्रांच से भी गहराई से जुड़ी रही हैं। राजभवन के सूत्रों का कहना है कि यह फैसला सीधे राज्यपाल सचिवालय के स्तर पर लिया गया है। इस आदेश के बाद अब परिषद के पूरे प्रशासनिक ढांचे में नए सिरे से अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। फिलहाल उनके स्थान पर अभी किसी नए चेहरे की नियुक्ति नहीं की गई है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।