नारनौल। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नारनौल स्थित निवास स्थान पर देर रात कुछ संदिग्ध लोगों के घुसने से हड़कंप मच गया है। इस गंभीर मामले की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नारनौल के पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक कुमार ने आरोपियों को दबोचने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है।

सीसीटीवी के तार काटे, जाग होने पर भागे संदिग्ध

यह पूरी घटना बीती 16 मई की सुबह करीब तीन बजे की बताई जा रही है। रोज की तरह पूरा परिवार सोया हुआ था। इसी दौरान कुछ अज्ञात बदमाश राव नरेंद्र सिंह के घर के परिसर में दीवार फांदकर अंदर घुस आए। बदमाशों ने सबसे पहले वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरों के वायर (तार) काट दिए ताकि उनकी पहचान न हो सके। लेकिन इसी बीच घर के भीतर किसी सदस्य की आंख खुल गई और आहट पाकर जाग हो गई। खुद को घिरता देख और पकड़े जाने के डर से सभी संदिग्ध मौका पाकर वहाँ से रफूचक्कर हो गए।

सीआईए और सिटी एसएचओ खंगाल रहे हैं फुटेज

घटना के तुरंत बाद राव नरेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र राव ने इस बात की लिखित सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मामले की कमान संभालते हुए डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि केस की तह तक जाने के लिए सीआईए (CIA) इंचार्ज नारनौल और सिटी थाना एसएचओ के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पुलिस की टीमें घर और आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही हैं। शुरुआती जांच में कैमरों के भीतर कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

हमले या फिरौती की बात से पुलिस का इनकार

नारनौल डीएसपी भारत भूषण ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि शुरुआती जांच में अभी तक किसी रंगदारी (एक्सटॉर्शन) गैंग के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के दौरान किसी को भी कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची है और न ही वहाँ किसी तरह की फायरिंग या हमले जैसी बात हुई है। हालांकि, पुलिस मामले को हल्के में नहीं ले रही है और हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी सबूतों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद से इलाके के राजनीतिक हलकों में सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है।