पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ग्वादर की आतंकवाद-रोधी अदालत ने सोमवार को प्रमुख बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच और उनके दो सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. इसको लेकर स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान की सेना और सरकार पर निशाना साधा है. ग्रेटा ने एक वीडियो संदेश जारी कर बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच की रिहाई की मांग की है.

बलोच अधिकारों की प्रखर आवाज महरंग बलोच, बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों, हिरासत में हो रही मौतों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ एक सशक्त चेहरा बनकर उभरी हैं.

प्रमुख बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच को उम्रकैद की सजा दिए जाने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के शिकंजे में आ गया है. डॉ. महरंग बलोच की सक्रियता ने उन्हें न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

कौन हैं 'बलूचिस्तान की शेरनी' महरंग बलोच, उम्रकैद की सजा का ऐलान होते ही  पाकिस्तान में भड़की आग | pakistan anti terror court baloch rights activist  mahrang baloch life ...

स्वीडन की चर्चित जलवायु कार्यकर्ता Greta Thunberg ने एक वीडियो संदेश जारी कर पाकिस्तान सरकार और सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं तथा महरंग बलोच की तत्काल रिहाई की मांग की है.

कार्यकर्ता महरंग बलोच को उम्रकैद की सजा एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने सुनाया है. अदालत ने 33 वर्षीय डॉ. महरंग बलोच, बलाच कादिर तथा अन्य नेताओं को आतंकवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.

ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और असहमति को पाकिस्तान में अपराध की तरह पेश किया जा रहा है. उनके अनुसार महरंग बलोच को मार्च 2025 में क्वेटा में आयोजित एक शांतिपूर्ण धरने के दौरान गिरफ्तार किया गया था.

वीडियो में ग्रेटा ने कहा कि महरंग बलोच वर्षों से लापता लोगों के परिवारों की आवाज उठाती रही हैं और न्याय के लिए बलूचिस्तान में मांग करती रही हैं. उन्होंने ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया है कि एक साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रखने के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और राजनीतिक गतिविधियों को अपराध साबित करने वाले आरोपों का सामना करना पड़ा.

ग्रेटा ने आगे कहा कि हरंग का मुकदमा एक हाई-सिक्योरिटी जेल के भीतर बंद दरवाजों के पीछे चलाया गया, जो पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने के किए काफी है. उन्होंने आगे कहा कि मानवाधिकार वकील इमान मजारी भी राज्य की नीतियों की आलोचना और नागरिक अधिकारों की वकालत करने के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही हैं.

ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि दुनिया अब इस मुद्दे से आंखें नहीं मूंद सकती. उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि महरंग बलोच के समर्थन में आवाज उठाने, जवाबदेही तय करने, निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने और उनकी रिहाई की मांग करने की अपील की.

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