एसजीपीजीआई में स्वाइन फ्लू के मरीजों और संक्रमण की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, एसजीपीजीआई ने संस्थान में स्वाइन फ्लू के प्रकोप और हाई अलर्ट की खबरों का खंडन किया है.

सतीश सिंह, लखनऊ. संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एसजीपीजीआई) में स्वाइन फ्लू के भर्ती मरीज और इसके प्रकोप की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराएं. उन्होंने जिलाधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू को लेकर लगातार निगरानी रखने को कहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त तैयारी और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित होनी चाहिए.

प्रकोप की खबरों का खंडन

वहीं, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान ने संस्थान में स्वाइन फ्लू के प्रकोप, आइसोलेशन वार्ड खोले जाने और हाई अलर्ट की खबरों का खंडन किया है.

संस्थान ने बताया कि ओपीडी में कुछ मरीज इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस (ILI) के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं. अधिकांश मरीजों में लक्षण हल्के हैं. जांच में कुछ मरीजों के H1N1 अथवा COVID-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

इसी तरह विभिन्न विभागों में अन्य चिकित्सकीय कारणों से भर्ती मरीजों, जिनमें इलेक्टिव सर्जरी के लिए भर्ती मरीज भी शामिल हैं, में भी ILI के लक्षण सामने आए. जांच में कुछ मरीज H1N1 अथवा COVID-19 संक्रमित पाए गए.

मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामले

पीजीआई ने कहा है कि ये छिटपुट मामले वर्तमान मौसमी इन्फ्लुएंजा सीजन के अनुरूप हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में प्रकोप नहीं माना जा सकता. संस्थान के अनुसार, लगभग सभी प्रभावित मरीज नियमित चिकित्सा उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं.

सावधानी बरतने की अपील

संस्थान ने आम लोगों से लक्षण दिखाई देने पर मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और खांसते-छींकते समय कफ एटिकेट का पालन करने की अपील की है. आवश्यकता होने पर लोगों से स्वयं को आइसोलेट करने को भी कहा गया है.