मऊगंज में सिस्टम की ‘क्रूरता’: ओलों की बौछार देख गाड़ियों में छिपे कलेक्टर और अफसर, बेघर आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट घेर पूछा- हमारे बच्चे कहां जाएं?