० धन वर्षा और तांत्रिक विद्या के नाम पर ठगी व अप्राकृतिक यौन शोषण का आरोप


रांची। रांची के बहुचर्चित रमेश ठाकुर हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि खुद को तांत्रिक बताने वाले रमेश ठाकुर की हत्या उसके ही तीन परिचितों ने की थी। आरोपियों का दावा है कि तांत्रिक ने उन्हें ‘परी से मिलाने’ और ‘धन वर्षा’ का झांसा देकर कथित तौर पर अप्राकृतिक यौन शोषण किया, जिससे तंग आकर उन्होंने हत्या की साजिश रची।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित चौधरी, निरंजन स्वांसी उर्फ नीरज और सचिन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों ने तांत्रिक के रूप में पहचान रखने वाले रमेश ठाकुर की हत्या मिलकर की थी।

हत्या के पीछे यह बताई वजह

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सचिन कुमार गुप्ता ने बताया कि रमेश ठाकुर खुद को तांत्रिक बताकर लोगों को ‘परी से मिलाने’, ‘धन वर्षा कराने’ और किस्मत बदलने का झांसा देता था। आरोप है कि इसी बहाने वह लोगों को अपने कमरे में बुलाता और उनके साथ अप्राकृतिक यौन शोषण करता था।

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी लंबे समय तक रमेश ठाकुर के झांसे में रहे। काफी समय बीतने के बाद भी न तो धन वर्षा हुई और न ही कोई कथित चमत्कार हुआ। इसी से नाराज होकर तीनों ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।

पहले गोली चलाई, फिर धारदार हथियार से हमला

जांच में सामने आया कि 21 जुलाई की रात तीनों आरोपी रमेश ठाकुर के पास पहुंचे। योजना के तहत निरंजन स्वांसी पिस्टल लेकर आया और गोली चलाई, लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद तीनों ने धारदार हथियार से हमला कर रमेश ठाकुर की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी उसके जेवरात लेकर फरार हो गए।

राष्ट्रीय स्तर का वेटलिफ्टर भी था झांसे का शिकार

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी सचिन कुमार गुप्ता राष्ट्रीय स्तर का वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी रह चुका है। उसकी मुलाकात करीब चार महीने पहले रमेश ठाकुर से हुई थी। रमेश ने उसे तांत्रिक विद्या और ‘परी से मुलाकात’ का भरोसा दिलाया था, लेकिन कथित दावे पूरे नहीं होने और लगातार शोषण के आरोपों के बाद विवाद बढ़ता गया।

मामले में मृतक के बेटे आकाश ठाकुर की शिकायत पर 22 जुलाई को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।