Business Desk – Tata Group News : टाटा ग्रुप से जुड़े वरिष्ठ कारोबारी मेहली मिस्त्री (Mehli Mistry) ने रतन टाटा के फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस RNT Associates के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है. टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद आए इस फैसले को टाटा समूह से उनकी बढ़ती दूरी के तौर पर देखा जा रहा है. मेहली मिस्त्री का इस्तीफा 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है. इससे पहले वे नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से भी बाहर किए जा चुके हैं.

3 साल बाद छोड़ा RNT Associates का बोर्ड

मेहली मिस्त्री मार्च 2023 में RNT Associates के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए थे. उन्होंने 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को अपना इस्तीफा भेजा. अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा कि अन्य व्यावसायिक जिम्मेदारियों और व्यस्तताओं के कारण वे डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे रहे हैं. उनका इस्तीफा 1 जुलाई 2026 से लागू माना गया है.

टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद बढ़ा विवाद

RNT Associates से इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब नवंबर 2025 में मेहली मिस्त्री को टाटा ट्रस्ट्स से हटाया गया था. टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है, जिसके पास टाटा संस में बहुमत हिस्सेदारी है. मेहली मिस्त्री ने इस फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के समक्ष चुनौती दी है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य ट्रस्ट में दोबारा लौटना नहीं है, बल्कि वे उन कथित अनियमितताओं को सामने लाना चाहते हैं, जिनके आधार पर उन्हें पद से हटाया गया.

अब सिर्फ एक ट्रस्ट के बोर्ड में हैं शामिल

RNT Associates से इस्तीफा देने के बाद मेहली मिस्त्री फिलहाल केवल Tata Education and Development Trust के बोर्ड में बने हुए हैं. यह टाटा ट्रस्ट्स की प्रमुख और संपन्न सहयोगी संस्थाओं में से एक है. हालांकि टाटा समूह के मुख्य निवेश और रणनीतिक फैसलों से अब उनकी भूमिका लगभग समाप्त हो चुकी है.

क्या है RNT Associates?

RNT Associates की स्थापना मार्च 2009 में रतन टाटा के निजी फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस के रूप में की गई थी. इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स में निवेश करना, निवेश प्रबंधन और कंसल्टेंसी सेवाएं देना है. कंपनी ने Paytm, Ola और Bluestone समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में निवेश किया हुआ है. मार्च 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल राजस्व ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें लगभग आधी आय डिविडेंड से हुई थी.

RNT Associates के बोर्ड में कौन-कौन हैं?

वर्तमान में RNT Associates के बोर्ड में रतन टाटा की दोनों बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय शामिल हैं. इनके अलावा टाटा संस के वरिष्ठ अधिकारी जमशेद पोंचा और सिद्धार्थ शर्मा भी बोर्ड का हिस्सा हैं.

रतन टाटा ने बदला था शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर

रतन टाटा के जीवनकाल में RNT Associates के प्रमुख शेयरधारक स्वयं रतन टाटा और उनके करीबी सहयोगी दिवंगत आर. के. कृष्ण कुमार थे. बाद में वर्ष 2022 में रतन टाटा ने Ratan Tata Endowment Foundation (RTEF) और Ratan Tata Endowment Trust (RTET) की स्थापना की. वर्तमान में यही दोनों संस्थाएं RNT Associates की शेयरधारक हैं. RTEF के बोर्ड में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन शामिल हैं, जबकि RTET के बोर्ड में नोएल टाटा और प्रमित झावेरी जैसे वरिष्ठ सदस्य मौजूद हैं.

क्यों अहम माना जा रहा है यह इस्तीफा?

कॉरपोरेट विशेषज्ञों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद RNT Associates से मेहली मिस्त्री का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि टाटा समूह की प्रमुख संस्थाओं से उनकी दूरी अब और बढ़ गई है. हालांकि वे अभी भी एक सहयोगी ट्रस्ट के बोर्ड में बने हुए हैं, लेकिन समूह के मुख्य निवेश और रणनीतिक निर्णयों में उनकी सक्रिय भूमिका लगभग खत्म हो चुकी है.