पटना। जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित दहौर हाई स्कूल इन दिनों पठन-पाठन के बजाय विवादों के केंद्र में है। स्कूल के एक शिक्षक दीपक कुमार पर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें बंद कमरे में अकेले पढ़ाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है और शिक्षा विभाग ने मामले की जांच तेज कर दी है।

​बंद कमरे में पढ़ाने का आरोप और बढ़ता आक्रोश

​स्कूल में कार्यरत शिक्षक दीपक कुमार पर पिछले दो वर्षों से छात्राओं और महिला सहकर्मियों के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, शिक्षक पर छात्राओं को बंद कमरे में अकेले पढ़ाने का गंभीर आरोप है, जिससे अभिभावकों में भारी आक्रोश है। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि 10वीं कक्षा की छात्राओं द्वारा होमवर्क पूरा न करने पर उन्हें डेस्क पर खड़ा कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता था और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था। इन शिकायतों को लेकर अभिभावकों ने भी स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग के पास अपनी नाराजगी दर्ज कराई है।

​आपसी खींचतान और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

​दहौर हाई स्कूल के शिक्षकों के बीच चल रही आपसी गुटबाजी और तनाव ने शिक्षण कार्य को पूरी तरह ठप कर दिया है। स्कूल प्रभारी और अन्य शिक्षकों के बीच कार्यालय में बैठने की जगह को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है। यह स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि शिक्षक एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। हाल ही में एक शिक्षक द्वारा सहकर्मी पर छड़ी उठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
​शिक्षक दीपक कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने से परेशान होकर उन्होंने आवेश में छड़ी उठाई थी, लेकिन उनकी मंशा किसी को चोट पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि स्कूल में एक अन्य गुट लगातार शिक्षकों और छात्रों पर टिप्पणी करता है, जिससे माहौल खराब हो रहा है।

​शिक्षा विभाग की सख्त चेतावनी

​इस पूरे प्रकरण पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) अमित कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में शिक्षकों के बीच अभद्र व्यवहार की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा, शिक्षकों का आचरण छात्रों के लिए एक आदर्श होना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति विपरीत है। फिलहाल पूरी रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।