कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार कि सियासत में एक बार फिर से सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। दरअसल कल बुधवार को उन्होंने राजधानी पटना में राजभवन तक मार्च निकालकर सम्राट सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। वहीं, आज गुरुवार को वे मधुबनी के लिए रवाना हुआ है, जहां वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनके प्रति अपने संवेदनाएं जाहिर करेंगे। साथ ही जिले के पुलिस अधिकारियों से भी बात कर पीड़ित परिवार को उचित न्याय दिलाने की मांग करेंगे।
पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
मधुबनी के लिए रवाना होने से पहले पटना से मीडिया में बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने मधुबनी में हुई घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि, जेल में एक निर्दोष 19 साल के लड़के की निर्मम हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लड़के को जबरन उठाया और परिजनों को बिना बताए कई दिनों तक छुपाए रखा। तेजस्वी ने बताया कि पीड़ित परिवार से उनकी बातचीत हुई है और आज वे परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी लेंगे, साथ ही स्थानीय अधिकारियों से भी बात करेंगे ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
‘बिहार को पुलिसिया स्टेट बनाना चाहते हैं सम्राट’
इस दौरान तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट पर भी निशाना साधा और कहा कि, हम पहले से ही कहते आ रहे हैं कि बिहार को पुलिस स्टेट बनाया जा रहा है। पुलिस ने उस बच्चे को बहुत अमानवीय तरीके से पीटा था। सम्राट चौधरी बिहार को एक पुलिसिया स्टेट बनाना चाहते हैं और हम यह कभी नहीं होने देंगे।
वहीं, जब उनसे कहा गया कि अपने लोकभवन मार्च किया। जदयू के सांसद संजय झा कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव ने पार्टी बचाने के लिए यह मार्च किया है। इसपर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, पहले वह अपना पद तो बचा ले, उनके पार्टी में उनके खिलाफ कितना विरोध है। तेजस्वी ने कहा कि, संजय झा नीतीश जी को फंसा दिए। यही लोग न अमित शाह का चेला सब है, TTM करता है।
जेल में हुई थी रोशन की संदिग्ध मौत
दरअसल बीते सोमवार (10 अगस्त) को मधुबनी के मंडल कारा रामपट्टी में बंद 20 साल के रोशन कुमार यादव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। दरअसल प्रारंभिक सूचना के आधार पर आर्म्स एक्ट मामले में बंद रोशन कुमार यादव मंडल कारा रामपट्टी में फंदे पर लटका हुआ मिला था। उसने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। जानकारी के अनुसार उसे गंभीर हालत में फंदे से उतारकर इलाज के लिए सदर अस्पताल मधुबनी लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रोशन की मौत के बाद जेल प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि रोशन की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई? यह जांच का विषय है।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार मृतक रोशन यादव अपने ननिहाल में रहता था। मृतक की बहन ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। बहन के मुताबिक रहिका थाना पुलिस ने करीब दो महीने पहले उनके भाई को आर्म्स एक्ट के झूठे मुकदमे में गिरफ्तार किया था। उसने बताया कि वह शनिवार (8, अगस्त) को भाई से मिलने के लिए मंडल कारा रामपट्टी भी गई थी। उस दौरान उसका भाई पूरी तरह से स्वस्थ था। इसके बाद सोमवार की रात फोन पर उसे उसके भाई के मौत की सूचना दी गई।
परिजन का आरोप है कि रोशन के शरीर पर चोट के निशान और गले में रस्सी के निशान थे। उन्होंने जेल में बंद अपराधियों और जेल कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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