Bihar News: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बीते कुछ दिनों से लगातार एक्टिव और बिहार सरकार पर हमलावर नजर आ रहे हैं। इस बीच आज रविवार (23 अगस्त) को उन्होंने मधुबनी के मंडल कारागार में बंद रोशन यादव की संदिग्ध मौत मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है। नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है की बीते 10 अगस्त को मंडल कारागार में रोशन यादव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। हालही में तेजस्वी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए उनके घर भी पहुंचे थे।
तेजस्वी ने सीएम सम्राट को बताया नासमझ
तेजस्वी यादव ने पत्र को सोशल मीडिया एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, मधुबनी में पुलिस हिरासत में ही पुलिस द्वारा 19 वर्षीय रौशन यादव की निर्मम हत्या कर दी गई। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख पीड़ित को न्याय दिलाने एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। तेजस्वी ने कहा कि, वे इस मामले को हर मंच पर उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। बिहार में गवर्नेंस की अनुपस्थिति में अराजक, बेलगाम और भ्रष्ट हो चुकी अफसरशाही एवं कमजोर प्रशासनिक समझ और पकड़ वाले हल्के मनोनीत मुख्यमंत्री को निर्दोष नागरिकों की बलि हरगिज नहीं लेने देंगे।
जेल में हुई थी रोशन की संदिग्ध मौत
दरअसल बीते सोमवार (10 अगस्त) को मधुबनी के मंडल कारा रामपट्टी में बंद 20 साल के रोशन कुमार यादव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। दरअसल प्रारंभिक सूचना के आधार पर आर्म्स एक्ट मामले में बंद रोशन कुमार यादव मंडल कारा रामपट्टी में फंदे पर लटका हुआ मिला था। उसने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। जानकारी के अनुसार उसे गंभीर हालत में फंदे से उतारकर इलाज के लिए सदर अस्पताल मधुबनी लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रोशन की मौत के बाद जेल प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि रोशन की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई? यह जांच का विषय है।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार मृतक रोशन यादव अपने ननिहाल में रहता था। मृतक की बहन ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। बहन के मुताबिक रहिका थाना पुलिस ने करीब दो महीने पहले उनके भाई को आर्म्स एक्ट के झूठे मुकदमे में गिरफ्तार किया था। उसने बताया कि वह शनिवार (8, अगस्त) को भाई से मिलने के लिए मंडल कारा रामपट्टी भी गई थी। उस दौरान उसका भाई पूरी तरह से स्वस्थ था। इसके बाद सोमवार की रात फोन पर उसे उसके भाई के मौत की सूचना दी गई।
परिजन का आरोप है कि रोशन के शरीर पर चोट के निशान और गले में रस्सी के निशान थे। उन्होंने जेल में बंद अपराधियों और जेल कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, अब तेजस्वी यादव ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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