पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और आर्थिक व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए तीखा प्रहार किया है। तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक कई मुद्दों को उठाते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार आम जनता की जेब पर चौतरफा डाका डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में आम आदमी का जीना मुहाल हो चुका है और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर टैक्स वसूला जा रहा है।

​हर मोर्चे पर जनता से वसूली

​तेजस्वी यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आज की व्यवस्था में आम नागरिक कोर्ट हर स्तर पर आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सवाल उठाए:

  • ​डिजिटल और बैंकिंग लेन-देन पर शुल्क: UPI के इस्तेमाल से लेकर बैंक में पैसा सुरक्षित रखने, एटीएम से नकदी निकालने और एटीएम कार्ड अपने पास रखने तक पर चार्ज वसूला जा रहा है। इसके अलावा बैंक खातों से मिलने वाले एसएमएस अलर्ट के लिए भी शुल्क देना पड़ रहा है।
  • ​खातों में न्यूनतम राशि की शर्त: बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस बनाए रखने के नाम पर भी जनता से पेनल्टी और चार्ज वसूले जा रहे हैं।
  • ​प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर का जाल: बाजार से कोई भी वस्तु खरीदने पर डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स दोनों वसूले जा रहे हैं। लोगों की कमाई पर पहले से ही इनकम टैक्स है, उस पर जीएसटी की मार अलग से आम जनता की कमर तोड़ रही है।
  • ​सफर और परिवहन पर कर: देश की सड़कों पर चलने के लिए टोल टैक्स और रोड टैक्स का भारी भुगतान करना पड़ रहा है।
  • ​विविध सेस की भरमार: सरकार ने आम आदमी पर विभिन्न प्रकार के उपकरों का बोझ डाल दिया है, जिसमें एजुकेशन सेस, एनवायरनमेंट सेस, हेल्थ सेस, एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस, और रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल हैं।
  • ​तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार के राज में पानी, हवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसी मूलभूत और जरूरी चीजों तक पर टैक्स लगा दिया गया है।

​’डिजिटल इंडिया’ और ‘कैशलेस इकोनॉमी’ पर सवाल

​सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यही इनका ‘डिजिटल इंडिया’ और यही इनकी ‘कैशलेस इकोनॉमी’ है, जिसका ढोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीटा जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर यह दावा करते थे कि नोटबंदी से देश में भ्रष्टाचार, कालाधन और आतंकवाद का सफाया हो जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। आज देश में भ्रष्टाचार कम होने के बजाय और अधिक बढ़ गया है।
​तेजस्वी यादव ने सीधे शब्दों में चुनौती देते हुए कहा कि मोदी जी नोटबंदी का देश को कम से कम कोई एक फायदा गिना कर दिखाएं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में वही सब होता है जो अमेरिका और उनके पूंजीपति मित्र आदेश देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का भारी फर्क है, जिसका खामियाजा देश का आम नागरिक भुगत रहा है।