Bihar Politics: पीएम मोदी ने कल 10 मई को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान देश की जनता से यह अपील किया की वे कम से कम 1 साल तक सोना नहीं खरीदें। सोना नहीं खरीदने के पीछे पीएम मोदी ने तर्क देते हुए कहा कि, सोना बाहर से मंगाने में बहुत सारा विदेशी पैसा खर्च होता है, इसलिए देश के हित में हमें एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए। पीएम मोदी के इस बयान को लेकर विपक्ष उनपर लगातार हमलावर है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने भी पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है।
कब तक गुमराह करेंगे साहब?
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी का एक वीडियो शेयर करते हुए उनपर हमला बोला है। तेजस्वी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में पीएम मोदी का एक्लि 2024 के लोकसभा चुनाव का है, जिसमें वह यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि विपक्ष आपका मंगलसूत्र छीन लेंगे। वहीं, दूसरे क्लिप में पीएम मोदी लोगों से सोना नहीं खरीदने की अपील करते हुए नजर आ रहे हैं।
तेजस्वी ने लिखा- विपक्षी आपका मंगलसूत्र छीन लेंगे- 2024 लोकसभा चुनाव में मोदी जी। आप सोना खरीदना बंद करो- 2026 में मोदी जी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी के सच-झूठ का वक्त हिसाब कर रहा है। कितने दिन तक देशवासियों को गुमराह करते रहेंगे साहब?
प्रवचन मोड में आ गए प्रधानमंत्री- रोहिणी
वहीं, तेजस्वी यादव के अलावा उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने भी पीएम मोदी के इस बयान पर तगड़ा हमला बोला है। रोहिणी ने एक्स पर लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा- चुनाव ख़त्म होते ही पूरे प्रवचन मोड में आ गए हैं प्रधानमंत्री।
रोहिणी आचार्य ने लिखा- प्रधानमंत्री जी की तमाम नसीहतें , इनके तमाम उपदेश देश के लिए है, खुद का कहा, खुद की नसीहत, खुद मोदी जी और उनकी पार्टी व् सरकार के लोगों पर लागू नहीं होती। बेहतर होता कि प्रधानमंत्री जी उपदेश व् नसीहत देते वक्त “कंडीशनस अप्लाई” वाली बात भी कह दिया करते या फिर कटौती की शुरुआत अपनी साइड से करते।
वैसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री जी की तरफ से आयी ये नसीहतें अप्रत्याशित नहीं बल्कि अपेक्षित ही थी। देश भली-भांति जान व् समझ ही रहा था कि चुनाव खत्म होते ही प्रधानमंत्री जी के ज्ञान-चक्षु खुलेंगे और प्रधानमंत्री जी प्रवचन मोड में आ जाएंगे।
रोहिणी ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी… पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की बात कह रहे हैं, बेहतर होता पहल अपनी ओर से करते और ज्यादा पेट्रोल-डीजल खाने वाली बुलेट-प्रूफ गाड़ियों का उपयोग बंद कर देते, अपने काफिले में चलने वाली दर्जनों गाड़ियों के चलने पर या तो रोक लगा देते या फिर उनकी संख्या में कटौती कर देते, स्पेशल विमान में उड़ने की बजाए आम यात्री जहाजों में सफर करते।
प्रधानमंत्री जी .. देश के लोगों से कह रहे हैं कि “लोग विदेश घूमने न जाएं , पैसा बचाएं ” प्रधानमंत्री जी की सलाह सुनने में तो अच्छी है, मगर सही तौर पर चरितार्थ तब होती, जब प्रधानमंत्री जी ये ऐलान कर देते कि जब मैं पूरी दुनिया का चक्कर लगा ही चुका हूं , तो अब मैं विदेश की किसी भी यात्रा और तफरीह पर नहीं जाऊंगा और देश का पैसा बचाऊंगा। उम्मीद है प्रधानमंत्री जी को इस बात की जानकारी होगी ही कि उनके विदेशी दौरों पर अरबों रूपए खर्च होते हैं ?
प्रधानमंत्री जी देश के लोगों को सोना नहीं खरीदने की सलाह देते हुए ये भूल जा रहे हैं कि उनके शासनकाल में सोने-चांदी की कीमतें आसमान छू रहीं हैं और एक आम आदमी की पहुंच व् पॉकेट से बाहर हैं, प्रधानमंत्री जी .. आपकी आर्थिक कुनीतियों की वजह से देश की अधिसंख्य आबादी के सामने जहां आमदनी और आजीविका का संकट है, वहां सोना-चांदी कोई क्या खाक खरीदेगा! प्रधानमंत्री जी … वो दिन दूर फटेहाल बनाए जा चुके देश में सोना-चांदी खरीदने की सोचना भी अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
रोहिणी आचार्य ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी किसानों को फर्टिलाइजर (खाद) का उपयोग कम करने को कह रहे हैं, मगर ऐसा कहते हुए ये भूल रहे हैं कि देश के किसानों की सबसे बड़ी समस्याओं में शुमार आपके ही शासनकाल में फर्टिलाइजर्स की महंगी कीमतें और उनकी उपलब्धता भी हैं… प्रधानमंत्री जी .. आपकी किसान विरोधी नीतियों और निर्णयों की वजह से पिछले 12 सालों में किसानी घाटे का सबब – सौदा बन चुकी है , किसानों की आमदनी ऐसी नहीं रही है कि वो पर्याप्त एवं उपयुक्त मात्रा में फर्टिलाइजर्स (खाद) खरीद सकें , सिंचाई के संसाधनों की कमी ऊपर से तो है ही… प्रधानमंत्री जी .. ऐसे में काश आप ये भी बता देते कि देश का किसान करे तो क्या करे?
रोहिणी आचार्य ने अंत में लिखा- प्रधानमंत्री जी वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल तरीके से काम करने की सलाह भी दे रहे है, मगर खुद इस पर अमल करते नहीं दिख रहे हैं .. प्रधानमंत्री जी .. ऐसी सलाह देने से पहले उदहारण आपको खुद सेट करना चाहिए था और अपना चुनाव प्रचार वर्चुअल तरीके से ही करना चाहिए था और भविष्य में भी देश के किसी हिस्से में जाने से परहेज करते हुए आपको अपनी वर्चुअल उपस्थिति ही दर्ज करनी चाहिए।
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