कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लगातार विदेश दौरों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेजस्वी यादव के इन दौरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने तेजस्वी यादव की विदेश यात्राओं को संदिग्ध बताते हुए उनके इरादों पर निशाना साधा है।

​विदेश दौरों पर भाजपा के गंभीर सवाल

​भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि तेजस्वी यादव का बार-बार विदेश जाना और उस समय जाना जब बिहार में उपचुनाव जैसी महत्वपूर्ण राजनीतिक परिस्थितियां हों बेहद चिंताजनक है। कुंतल कृष्ण ने आरोप लगाया कि एक जिम्मेदार नेता होने के नाते जब राज्य को उनकी मौजूदगी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तब उनका विदेश में होना जनता के साथ विश्वासघात जैसा है। उन्होंने तेजस्वी से सीधे तौर पर पूछा है कि वे बार-बार आखिर कहां जाते हैं? उनके विदेश जाने का असली मकसद क्या है और वहांं वे किन प्रभावशाली लोगों से गुप्त मुलाकातें करते हैं?

​पर्दे के पीछे की राजनीति का आरोप

​भाजपा का आरोप है कि तेजस्वी यादव इन दौरों के जरिए प्रदेश की जनता से कुछ छुपा रहे हैं। कुंतल कृष्ण ने कहा कि क्या इन दौरों का संबंध राज्य की राजनीति से है या फिर किसी निजी स्वार्थ से? विपक्ष के नेता के रूप में तेजस्वी यादव को इन दौरों का स्पष्ट विवरण जनता के सामने रखना चाहिए। भाजपा ने इसे पर्दे के पीछे की राजनीति करार दिया है।

​क्या उपचुनाव से भाग रहे हैं तेजस्वी?

​भाजपा प्रवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि उपचुनाव के दौरान राज्य के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल बढ़ाना नेता प्रतिपक्ष की प्राथमिकता होनी चाहिए थी। ऐसे में चुनाव प्रचार को छोड़कर विदेश जाना यह दर्शाता है कि तेजस्वी यादव अपनी जिम्मेदारी से विमुख हो रहे हैं। भाजपा ने इस पूरे मामले को बिहार के सम्मान और सुरक्षा से जोड़ते हुए एक बड़ा मुद्दा बना दिया है।
​फिलहाल तेजस्वी यादव या राजद की ओर से इन तीखे आरोपों का कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है लेकिन भाजपा के इन तेवरों ने बिहार की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या तेजस्वी यादव इन सवालों पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे या भाजपा का यह हमला चुनावी मुद्दा बनकर उभरेगा।