चंडीगढ़. पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ की तबाही के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों में जोर-शोर से जुटी हुई है। इस बीच, आबकारी और कर विभाग ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 50 लाख रुपये का चेक सौंपा है, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान को प्रदान किया जाएगा।
पंजाब इस समय चार दशकों में सबसे भीषण बाढ़ संकट का सामना कर रहा है। गुरदासपुर, फिरोजपुर, पठानकोट, संगरूर के कुछ हिस्से, जालंधर, तरनतारन और अमृतसर जैसे जिले बाढ़ की चपेट में हैं। पंजाब सरकार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने में जुटी है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों से अपील के बाद 50 लाख रुपये का चेक राहत कोष के लिए जुटाया गया। उन्होंने सभी पंजाबियों से एक-दूसरे की मदद करने की अपील की। विभाग की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए लगातार राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारा भेजा जा रहा है, ताकि किसी को परेशानी न हो।

आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए अपने हर कार्यकर्ता को ड्यूटी पर लगाया है। पार्टी और सरकार मिलकर पीड़ितों को भोजन, आश्रय और अन्य जरूरी सहायता प्रदान कर रही है।
केंद्र से 60 हजार करोड़ की मांग
कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में राज्य को इस राशि की सख्त जरूरत है। चीमा ने आश्वासन दिया कि सरकार बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत सामग्री और सहायता निरंतर उपलब्ध कराती रहेगी।
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