गोपालगंज। थावे दुर्गा मंदिर में हुई करोड़ों की चोरी महज़ एक आपराधिक वारदात से आगे बढ़कर अब प्रेम, पहचान बदलने और संगठित साजिश की कहानी बनती दिख रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस केस की कड़ी पश्चिम बंगाल की डांसर मोहिनी से जुड़ती है, जिसकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी दीपक राय से एक कार्यक्रम के दौरान हुई। इसी दौरान मोहिनी का परिचय मोतिहारी निवासी इजमामुल आलम से भी कराया गया, जो खुद को उसका कथित पति बताता था।
पहले से रची गई योजना, 17 दिसंबर को वारदात
पुलिस के अनुसार 10-11 दिसंबर की रात मंदिर परिसर की गुप्त रेकी की गई, जिसके बाद 17 दिसंबर की रात चोरी को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से यह सिद्ध हुआ कि यह एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह की साजिश थी, जिसमें दीपक और इजमामुल मुख्य भूमिका में थे।
जांच भटकाने की कोशिश
दीपक की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर प्रेम और धर्म से जुड़े भ्रामक दावे फैलाए गए ताकि जांच की दिशा बदली जा सके। लेकिन इजमामुल की गिरफ्तारी के बाद कई अहम कड़ियां सामने आईं और पूरी साजिश की परतें खुलने लगीं।
पहचान बदलकर शादी का आरोप
पूछताछ के दौरान मोहिनी ने आरोप लगाया कि इजमामुल ने धर्म और नाम बदलकर उससे शादी की और बाद में धोखा दिया। अब वह पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।
मंदिर में सुरक्षा बढ़ाई गई
पुलिस को संदेह है कि गिरोह में 4-5 और आरोपी शामिल हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के बाद मंदिर परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जा सके।

