Jaisalmer Tiranga Yatra Controversy: राजस्थान के जैसलमेर में तिरंगा यात्रा की अनुमति को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार छह दिन बाद समाप्त हो गया। शहर कोतवाली के बाहर धरने पर बैठे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार देर रात अपना आंदोलन वापस ले लिया।

यह फैसला उस समय आया, जब जोधपुर रेंज की ओर से जारी तबादला सूची में शहर कोतवाली के थानाधिकारी (SHO) सुरजाराम का जैसलमेर से पाली तबादला कर दिया गया। हालांकि, संगठन की मूल मांग SHO और एक हेड कांस्टेबल के निलंबन की थी।
तबादले के बाद खत्म हुआ आंदोलन
SHO सुरजाराम के तबादले की सूची जारी होने के बाद ABVP ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया। इसके साथ ही कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं का अनशन भी समाप्त कराया गया। धरना खत्म होने के बाद भाजपा नेताओं ने छात्र नेताओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सवाई सिंह, नगर अध्यक्ष अरुण पुरोहित, महिला नेत्री सुनीता भाटी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा और भाजपा प्रदेश मंत्री आईदान सिंह वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
विवाद की शुरुआत 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की अनुमति को लेकर हुई थी। ABVP का आरोप था कि अनुमति लेने शहर कोतवाली पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया। इसी के विरोध में 27 जुलाई से संगठन ने शहर कोतवाली के बाहर धरना शुरू कर दिया। बाद में छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपों को बताया था निराधार
जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने ABVP के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि 26 जुलाई को कार्यकर्ता करीब 11 मिनट तक कोतवाली में रहे और उसी दिन दोपहर 3:21 बजे नियमानुसार तिरंगा यात्रा की अनुमति जारी कर दी गई थी। एसपी के अनुसार, अनुमति मिलने के बाद यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हुई थी, इसलिए पुलिस पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग
इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी काफी चर्चा बटोरी। एक ओर NSUI ने पुलिस के समर्थन में बयान दिया, वहीं कई स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर SHO सुरजाराम के समर्थन में पोस्ट साझा किए।
इसके अलावा सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान ने भी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर SHO के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई नहीं करने की मांग की थी। इसी बीच शनिवार देर रात जोधपुर रेंज की ओर से जारी तबादला सूची में SHO सुरजाराम का पाली तबादला कर दिया गया, जिसके बाद ABVP ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
पढ़ें ये खबरें
- कावेरी जल विवाद पर सियासी जंग! DMK ने बुलाई ऑल पार्टी मीटिंग, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK
- ‘राजनीति छोड़कर बाबा बनने वाले हैं नरोत्तम मिश्रा’, ASP प्रत्याशी दामोदर यादव का विवादित बयान, धीरेंद्र शास्त्री और उनके भाई को बताया भूमाफिया
- पंजाब में बारिश को लेकर बड़ा अपडेट, इन जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बरसात
- वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा- गंगा जल लेकर खाई थी कसम, पर नहीं की शराबबंदी…
- Rajasthan News: फोटो पर माला चढ़ाने के बाद रिटायर्ड फौजी ने घर में लगा ली फांसी

