बिजनेस डेस्क : Vodafone Idea यानी Vi अपने नेटवर्क और Telecom Services को मजबूत करने के लिए बड़ा फंड जुटाने की तैयारी में है. कंपनी करीब 35,000 करोड़ रुपए का 10 साल का Term Loan लेने के लिए 8 से 10 बैंकों का Consortium बनाने में जुटी है.

इस कर्ज में देश का सबसे बड़ा बैंक State Bank of India यानी SBI सबसे बड़ी हिस्सेदारी ले सकता है. जानकारी के मुताबिक SBI ने करीब 20% Exposure लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. ऐसे में बैंक की हिस्सेदारी करीब 7,000 करोड़ रुपए हो सकती है.

Vi के लिए यह Funding इसलिए अहम है क्योंकि कंपनी को नेटवर्क और सेवाओं के Upgrade के लिए कुल करीब 60,000 करोड़ रुपए की जरूरत है. प्रस्तावित Bank Loan से करीब 35,000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं, लेकिन इसके बाद भी लगभग 25,000 करोड़ रुपए की Funding Gap रहेगी. कंपनी इस रकम को Internal Resources या आगे Equity के जरिए जुटा सकती है.

SBI देगा सबसे बड़ा हिस्सा, बाकी बैंक मिलकर जुटाएंगे रकम

प्रस्तावित Consortium में 8 से 10 बैंक शामिल हो सकते हैं. SBI की हिस्सेदारी करीब 7,000 करोड़ रुपए रहने की संभावना है. बाकी रकम दूसरे सरकारी और Private Banks के बीच बांटी जाएगी.

जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक Lender की हिस्सेदारी कम से कम 1,500 करोड़ रुपए रखने की संभावना है. इतनी बड़ी राशि को एक ही बैंक के जरिए फंड करना मुश्किल होगा, इसलिए कई बैंकों को मिलकर Loan Structure तैयार करना होगा.

SBI ने कर्ज के साथ रखी कई अहम शर्तें

SBI ने Vi को फंडिंग देने के साथ कुछ महत्वपूर्ण Conditions भी रखी हैं. सबसे बड़ी शर्त यह है कि अगर कंपनी को बैंक से मिलने वाली रकम से ज्यादा निवेश की जरूरत पड़ती है तो अतिरिक्त Funding की व्यवस्था Vodafone Idea को खुद करनी होगी.

इसके अलावा कुमार मंगलम बिड़ला के लिए भी एक शर्त रखी गई है. मई 2026 में दोबारा कंपनी के Chairman बने बिड़ला को पूरे Loan Tenure के दौरान चेयरमैन बने रहना होगा.

SBI कंपनी के Cash Flow पर भी नजर रखेगा. Loan से जुड़े सभी Funds बैंक खातों के जरिए Route किए जाएंगे, ताकि रकम के इस्तेमाल पर निगरानी बनी रहे.

Aditya Birla Group को भी बनाए रखनी होगी हिस्सेदारी

Loan Terms में Aditya Birla Group की हिस्सेदारी से जुड़ी शर्त भी शामिल है. Group को अपने Warrants और Rights को Equity में बदलने के बाद कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखनी होगी.

इसके अलावा ग्रुप की एक कंपनी की ओर से Comfort Guarantee भी दी जाएगी. Bankers का मानना है कि इस तरह की Guarantee से किसी मुश्किल स्थिति में Lenders के हितों को सुरक्षा मिलेगी.

कुमार मंगलम बिड़ला की वापसी क्यों बनी Loan की बड़ी शर्त?

कुमार मंगलम बिड़ला ने 2021 में Vodafone Idea के Board से इस्तीफा दिया था. उस समय कंपनी भारी सरकारी देनदारियों और लगातार घटते Revenue के दबाव से गुजर रही थी.

मई 2026 में उन्होंने फिर कंपनी के Chairman के तौर पर वापसी की. अब लंबे समय के Loan को देखते हुए Banks चाहते हैं कि कंपनी को Promoter Group का Support लगातार मिलता रहे.

एक Banker के मुताबिक, कर्जदाता यह भरोसा चाहते हैं कि अगर कंपनी की योजना उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ती है तो Vi और उसके Lenders को मुश्किल समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.

Vi में सरकार और Vodafone की कितनी हिस्सेदारी?

फिलहाल Aditya Birla Group और उससे जुड़ी कंपनियों की Vodafone Idea में करीब 6.64% हिस्सेदारी है. भारत सरकार के पास करीब 49% हिस्सेदारी है. सरकार ने कंपनी की बकाया रकम के एक हिस्से को Equity में बदलने के बाद यह हिस्सेदारी हासिल की थी.

ब्रिटेन की Vodafone करीब 19% हिस्सेदारी के साथ प्रमुख Shareholders में शामिल है. Aditya Birla Group हिस्सेदारी के लिहाज से तीसरा बड़ा Shareholder Group है.

NaBFID करीब 4,000 करोड़ का कर्ज दे सकता है

प्रस्तावित Consortium में National Bank for Financing Infrastructure and Development यानी NaBFID भी बड़ा Lender हो सकता है. उसके करीब 4,000 करोड़ रुपए का Exposure लेने की संभावना है. ऐसा होने पर वह Consortium का दूसरा सबसे बड़ा Lender बन सकता है.

इसके अलावा Punjab National Bank, Canara Bank, Bank of Baroda और Union Bank of India भी Vodafone Idea के संपर्क में हैं. SBI के Consortium में शामिल होने के बाद इन बैंकों के भी इस Funding Structure का हिस्सा बनने की संभावना बढ़ गई है.

ICICI और HDFC Bank से भी बातचीत

Private Sector के बड़े Banks में ICICI Bank और HDFC Bank भी Vi के साथ बातचीत कर रहे हैं. कंपनी को करीब 35,000 करोड़ रुपए का बड़ा Term Loan चाहिए, इसलिए 8 से 10 Banks को मिलकर इसकी Funding करनी होगी.

जानकारी के मुताबिक Loan की पूरी Structure अक्टूबर के मध्य तक तैयार हो सकती है. Funding मिलने के बाद Vi अपने Network, Technology और Services में निवेश बढ़ा सकेगी. हालांकि, कंपनी के सामने असली चुनौती अभी भी करीब 60,000 करोड़ रुपए की कुल Funding जरूरत पूरी करने की है.

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H