शब्बीर अहमद, भोपाल। कांग्रेस के लिए ’51’ का टारगेट बना सियासी सिरदर्द साबित हो रहा है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) का राज्यों को निर्देश है कि जिला कार्यकारिणी में 51से ज्यादा सदस्य नहीं होने चाहिए। वहीं मामले को लेकर बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर सियासी निशाना साधा है।
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संख्या बढ़ाना आसान कम करना मुश्किल चुनौती
कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- हमने जिला कार्यकारिणी के गठन की तैयारी पूरी कर ली थी। कार्यकारिणी को लेकर सारे नाम मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास आ चुके थे। अब फिर से हमें दोबारा कवायद करनी पड़ेगी। हमारे सामने बड़ी चुनौती संख्या बढ़ाना आसान कम करना मुश्किल है। नई गाइडलाइन के जरिए हाईकमान का संदेश कार्यकारिणी में वजनदार नेताओं को जगह मिले। जरूरी है छोटी कार्यकारिणी बने वक्त के हिसाब से उसका विस्तार किया जाएगा। जिनको कार्य करने में जगह नहीं मिलेगी हम दूसरी जगह उन्हें एडजस्ट करेंगे। 6 जिलों की कार्यकारिणी बन चुकी है वो नए निर्देश के दायरे में नहीं आएंगे।
कांग्रेस का संगठन तमाशा बन गया
मामले को लेकर बीजेपी ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर सियासी निशाना साधा है। प्रवक्ता अजय यादव ने कहा- जीतू पटवारी का नेतृत्व असफल हो गया है। कांग्रेस के अंदर सारे फैसले अब दिल्ली से होते हैं। जिला अध्यक्ष, प्रवक्ता जिला कार्यकारिणी सब दिल्ली से फैसले होते हैं। जीतू पटवारी सिर्फ दिखावे के प्रदेश अध्यक्ष बचे हैं। छिंदवाड़ा में 250 पदाधिकारी बना दिए गए और किसी को हटाने की हिम्मत नहीं है। कांग्रेस का संगठन तमाशा बन गया है। जनता के बीच में विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है।


